
Jamshedpur : देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा को लेकर टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। विश्वकर्मा पूजा के एक दिन पूर्व बुधवार को कंपनी के विभिन्न डिवीजनों में डिवीजनवार भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जायेगी।
वहीं, 17 सितंबर को कंपनी के जनरल ऑफिस गेट पर सामूहिक विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जायेगा।
कंपनी के प्लांट-1, प्लांट-2, प्लांट-3, सीटीआर, फाउंड्री, फोर्ज, वर्ल्ड ट्रक, फाइनल डिवीजन समेत अन्य विभागों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर विधिवत पूजा की जायेगी। संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और यूनियन प्रतिनिधि पूजा में शामिल होंगे। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी डिवीजनवार पूजा में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशिभूषण प्रसाद, महामंत्री आरके सिंह समेत अन्य ऑफिस बियरर के शामिल होने की संभावना है।
अधिकारी व यूनियन पदाधिकारी करेंगे विभिन्न विभागों का दौरा
विश्वकर्मा पूजा के दौरान कंपनी के वरीय अधिकारी और विभागीय प्रमुख विभिन्न डिवीजनों में आयोजित पूजा में शामिल होंगे। यूनियन के पदाधिकारी भी कर्मचारियों के साथ पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा के दौरान कर्मचारियों की ओर से भगवान विश्वकर्मा से कंपनी, कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की जायेगी।
17 सितंबर को जनरल ऑफिस गेट पर सामूहिक पूजा
विश्वकर्मा पूजा के दिन 17 सितंबर को टाटा मोटर्स के जनरल ऑफिस गेट पर सामूहिक पूजा का आयोजन होगा। इसमें कंपनी के अधिकारी, यूनियन पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। पूजा के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाने की तैयारी है। कर्मचारी अपने परिवार के साथ भी कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।
कर्मचारियों के बीच प्रसाद का वितरण
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कर्मचारियों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया जायेगा। इस वर्ष प्रबंधन की ओर से गेट पास के आधार पर कर्मचारियों को सोनपापड़ी और लड्डू के पैकेट दिये जाने की जानकारी है। इसके लिए अलग-अलग डिवीजनों में व्यवस्था की जायेगी।
औद्योगिक नगरी में विश्वकर्मा पूजा को लेकर उत्साह
टाटा मोटर्स के साथ जमशेदपुर की अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी विश्वकर्मा पूजा की तैयारियां तेज हैं। प्लांटों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और पूजा पंडाल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भगवान विश्वकर्मा को औद्योगिक प्रतिष्ठानों में शिल्प, तकनीक और उत्पादन के आराध्य देव के रूप में पूजा जाता है।

