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बिहार की जेल में विचित्र घटना: विचाराधीन कैदी ने निगले पत्थर के टुकड़े, हालत गंभीर

by Rakesh Pandey
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गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित चनावे मंडल कारा से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक विचाराधीन कैदी ने जेल परिसर में पड़े पत्थर के कई टुकड़े निगल लिए, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। कैदी को पहले गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया।

जेल परिसर में कैदी की अजीब हरकत से मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, थावे क्षेत्र के चनावे मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी ने अचानक जेल के भीतर पड़े पत्थरों को निगलना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में उसे पेट में तेज दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। स्थिति बिगड़ती देख जेल प्रशासन ने तुरंत उसे गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे PMCH रेफर कर दिया।

पत्थर निगलने की वजह अब तक साफ नहीं

घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। जेल प्रशासन और डॉक्टरों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। जहां कुछ अधिकारी इसे मानसिक असंतुलन का नतीजा बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे जेल प्रशासन की लापरवाही करार दे रहे हैं।

जेल अधीक्षक सतेंद्र सिंह ने कहा:

“कैदी की तबीयत खराब थी, इसलिए उसे इलाज के लिए भेजा गया है। उसने क्या खाया और क्यों खाया, इस बारे में मैं पुष्टि नहीं कर सकता।”

डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता

PMCH में भर्ती इस कैदी की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि पत्थर के टुकड़े उसके आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे उसकी जान को खतरा हो सकता है।

डॉ. शिवशंकर, PMCH के चिकित्सक ने बताया:

“कैदी के शरीर में गए पत्थरों से उसके पाचन तंत्र और आंतों को नुकसान पहुंच सकता है। फिलहाल उसकी स्थिति चिंताजनक है और इलाज जारी है।”

घटना ने जेल प्रबंधन पर खड़े किए सवाल

इस घटना ने जेल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर कैसे एक कैदी के पास इतने समय और अवसर रहे कि वह खुलेआम पत्थर निगल सके और किसी को पता भी न चले?

जेल परिसर में इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि कैदियों की मानसिक स्थिति, तनाव और अवसाद जैसे मुद्दों पर व्यवस्थित मनोवैज्ञानिक निगरानी की जरूरत है।

क्या था मामला, कौन है कैदी?

फिलहाल प्रशासन ने कैदी की पहचान उजागर नहीं की है और यह भी नहीं बताया गया है कि वह किस मामले में विचाराधीन है। जांच जारी है और पुलिस व जेल प्रशासन दोनों घटना की तह तक जाने का दावा कर रहे हैं।

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