
रांची: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने निर्देश जारी किया है कि 1 अप्रैल से BhoomiRashi Portal के माध्यम से होने वाले सभी भूमि अधिग्रहण भुगतानों में आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
इसके तहत भूमि मालिकों की पहचान आधार आधारित सत्यापन के बाद ही मुआवजा राशि जारी की जाएगी। मंत्रालय के भूमि अधिग्रहण अनुभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। झारखंड सहित सभी राज्यों के अंतर्गत कार्यरत विभाग और एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय को निर्देश दिया गया है। ॉ
नई व्यवस्था से मुआवजा वितरण प्रक्रिया में बढ़ेगी पारदर्शिता
इसके अनुसार नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड तथा सड़क परिवहन मंत्रालय के सभी क्षेत्रीय कार्यालय संबंधित सक्षम प्राधिकारियों के दफ्तरों में बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन उपकरणों की स्थापना 1 अप्रैल से शुरू होगी और 30 अप्रैल तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट मंत्रालय को भेजनी होगी। मंत्रालय का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से मुआवजा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान सीधे सत्यापित लाभुक तक पहुंचेगा और शिकायतों में कमी आएगी। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण मामलों में लागू की जाएगी
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