जमशेदपुर : राज्य में संचालित 80 उत्कृष्ट विद्यालयों और 325 प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालयों के सुचारू संचालन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार सभी विद्यालयों में समय पर कक्षाओं का संचालन और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। शिक्षकों को ईविद्यावाहिनी पोर्टल पर समय पर उपस्थिति दर्ज करनी होगी, अन्यथा लगातार तीन दिन देरी पर एक आकस्मिक अवकाश माना जाएगा। साथ ही, प्रार्थना सभा में छात्रों को समाचार वाचन, करंट अफेयर्स, नैतिक शिक्षा, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यालय में 20 प्रतिशत से अधिक छात्र असफल होते हैं, तो संबंधित प्रधानाध्यापक और शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रत्येक माह सह-पाठयक्रम गतिविधियां जैसे वाद-विवाद, पेंटिंग, क्विज और खेलकूद भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, छात्रों की प्रगति का आकलन करने के लिए होलेस्टिक प्रोग्रेस कार्ड वर्ष में तीन बार ऑनलाइन तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन सख्त दिशा-निर्देशों से विद्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए सत्र के प्रारंभ में छात्रों के बेसिक लर्निंग लेवल (पढ़ना, लिखना, गणित) का आकलन कर विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके अलावा, नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रचार-प्रसार बढ़ाने तथा प्रवेश परीक्षा से जुड़ी योजनाओं को समय पर प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीबीएसई/जैक के मानकों के अनुरूप 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। कम उपस्थिति वाले छात्रों की पहचान कर उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा और उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। हर तीन महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक तथा प्रत्येक माह स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक आयोजित करना भी अनिवार्य किया गया है।
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभाग ने सत्र की शुरुआत में छात्रों के बेसिक लर्निंग लेवल—पढ़ना, लिखना और गणित—का आकलन करने और इसके आधार पर विशेष कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रवेश परीक्षा से संबंधित योजनाओं का समय पर प्रकाशन अनिवार्य किया गया है। सीबीएसई/जैक मानकों के अनुसार छात्रों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा और उपस्थिति बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा, हर तीन महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम ) और प्रत्येक माह स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक आयोजित करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि छात्रों की प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके।
स्कूलों को लिए आवश्यक निर्देश
- शिक्षकों को विषयवार विस्तृत पाठ्य योजना तैयार कर उसके अनुसार पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्पिलिट सिलेबस के आधार पर नियमित पठन-पाठन
- स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और अन्य संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
- जी गुरुजी पोर्टल पर कक्षाओं की जानकारी अपडेट करना अनिवार्य होगा, जिससे विभाग ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर सके।

