RANCHI: राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स में पुराने भवन का जल्द ही कायाकल्प किया जाएगा। लंबे समय से जर्जर हो चुके इस भवन की मरम्मत और पुनर्निर्माण की योजना तैयार की गई है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। बता दें कि भवन के जर्जर होने के कारण आए दिन मरीज चोटिल होते रहते थे। वहीं हर वक्त सिर पर खतरा मंडराता रहता था।
1000 मरीज रहते है एडमिट
रिम्स के एएमएस डॉ शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले पुराने भवन में भर्ती मरीजों को अस्पताल के अन्य यूनिट्स में शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक साथ इतने मरीजों को शिफ्ट करना संभव नहीं है। ऐसे में एक-एक यूनिट को खाली कराकर वहां पर काम कराया जाएगा। इससे मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। वर्तमान में इस भवन में करीब 1000 मरीज एडमिट रहते हैं। एएमएस ने कहा कि इसके लिए चरणबद्ध योजना बनाई गई है, जिससे मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो।
लंबे समय से जर्जर है भवन
रिम्स का पुराना भवन काफी समय से जर्जर स्थिति में है। कई बार छत से प्लास्टर गिरने और दीवारों में दरारें आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके अलावा सीढ़ियों की स्थिति काफी खराब है। ऐसे में यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। डॉक्टरों और कर्मचारियों ने भी कई बार भवन की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताई है। कई बार लोग बाल-बाल बच गए है। वहीं फ्लोर टूटे होने के कारण मरीजों की ट्रालियां भी पलट जाती है।
बेसमेंट में भरा है पानी
हॉस्पिटल के पुराने भवन के बेसमेंट में भी पानी भरा है। इस वजह से भी दीवारों में पानी का रिसाव हो रहा है। रिपेयरिंग और रिनोवेशन के बाद भवन के मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं मरीजों को इससे बड़ी राहत मिल जाएगी। बिना किसी टेंशन के वे वार्डों में अपना इलाज करा सकेंगे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य के दौरान भवन की संरचना को मजबूत किया जाएगा, साथ ही जरूरी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। इससे न सिर्फ मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि इलाज भी बेहतर होगा।

