
Seraikela : सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड स्थित पितकी रेलवे फाटक पर पिछले 30 घंटों से लगा भीषण जाम अब लोगों के सब्र की परीक्षा लेने लगा है। सोमवार दोपहर से शुरू हुआ जाम मंगलवार तक करीब 14 किलोमीटर लंबा हो गया है, जिसमें झारखंड समेत कई राज्यों के हजारों छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं।इस लंबे जाम ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
सबसे ज्यादा असर छात्रों और बच्चों पर पड़ा है। सिंहभूम कॉलेज में चल रही स्नातक परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के सैकड़ों छात्र समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके। वहीं स्कूल से लौट रहे बच्चों को 42 डिग्री की भीषण गर्मी में घंटों भूखे-प्यासे बसों में फंसे रहना पड़ा।जाम में फंसे मालवाहक वाहनों के चालक भी चिलचिलाती धूप में पानी और भोजन के लिए जूझते नजर आए।
स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि अब दोपहिया वाहनों का निकलना भी लगभग असंभव हो गया है।
इसलिए लगा है जाम
इस विकराल जाम के पीछे तीन मुख्य वजहें सामने आ रही हैं। पहला, चांडिल-आद्रा और चांडिल-मुरी रेलखंड पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव, जिसके कारण रेलवे फाटक बार-बार बंद हो रहा है। दूसरा, वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क के दोनों ओर कई कतारों में वाहन खड़ा कर देना।
तीसरा और सबसे अहम कारण पितकी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज (आरओबी) का अधूरा निर्माण कार्य है, जो लंबे समय से लटका हुआ है।प्रशासन बेबस, लोग परेशानपुलिस प्रशासन जाम को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण हालात काबू में नहीं आ पा रहे हैं। जामडीह गांव से लेकर चांडिल के भालूकोचा तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
लुपुंगडीह में क्यों वसूला जा रहा टोल
आजसू के प्रखंड अध्यक्ष दिगंबर सिंह सरदार ने इस अव्यवस्था के लिए एनएचएआई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पितकी, जामडीह और पश्चिम बंगाल के श्यामनगर में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अधूरा है, तो लुपुंगडीह टोल प्लाजा पर टोल टैक्स किस आधार पर वसूला जा रहा है। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा।स्थानीय लोगों और यात्रियों ने सरकार से इस ‘डेथ ट्रैप’ बन चुके रेलवे फाटक से जल्द राहत दिलाने की मांग की है।

