रांची। झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित सचिवालय परिसर में कार्मिक विभाग द्वारा गठित कैडर रिव्यू कमेटी के विरोध में मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया। कैबिनेट बैठक से पहले बड़ी संख्या में जुटे कर्मियों ने कमेटी को भंग करने की मांग उठाई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद कैबिनेट के दो मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सचिवालय सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। वार्ता के दौरान सहमति बनी कि कैडर रिव्यू कमेटी में सचिवालय सेवा के दो पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, कमेटी का टर्म ऑफ रेफरेंस केंद्र सरकार के अनुरूप तय किया जाएगा। कमेटी में समिति तीन माह में रिपोर्ट देगी।
सचिवालय सेवा संघ के अध्यक्ष रितेश कुमार ने कहा कि पद संरचना में संभावित बदलाव को लेकर कर्मचारियों में गहरी चिंता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, महासचिव राजेश कुमार ने बताया कि केंद्र में पदों का अनुपात 1:2 है। ऐसे में आशंका है कि 400 से अधिक पदों में कटौती हो सकती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं

