Jamshedpur : जिले में किताब वितरण की व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। किताब वितरण की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। इस पर डीसी राजीव रंजन ने नाराजगी जताई है और सात बीपीओ को शो-काज कर दिया है। इन सभी बीपीओ का वेतन भी रोक दिया गया है। यह फैसला डीसी राजीव रंजन ने शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में लिया। इसके अलावा 10वीं और 12वीं के टॉपर्स और अच्छे परिणाम देने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को भी जिला स्तर पर सम्मानित करने का फैसला किया गया है।
डीसी राजीव रंजन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की यह समीक्षा बैठक शनिवार को जमशेदपुर डीसी ऑफिस सभागार में संपन्न हुई। डीसी ने निर्देश दिया कि गर्मी की छुट्टी के बाद सिकुई-दिकुई अभियान को दोबारा पूरे मनोयोग से शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिला और प्रखंड स्तर पर अधिकारी स्कूलों को गोद लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यक्तिगत स्तर पर कोशिश करेंगे।
गर्मी की छुट्टियों के पहले पूरी होगी बीपीएल कोटा में नामांकन की प्रक्रिया
उपायुक्त ने निजी विद्यालयों में बीपीएल कोटा में नामांकन की प्रक्रिया को गर्मी की छुट्टियों से पहले पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि एक भी सीट खाली नहीं रहनी चाहिए और सभी सीटों पर योग्य बच्चों का नामांकन हो। ऐसा विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें। डीसी ने पाठ्य पुस्तकों के वितरण की भी समीक्षा की।
इन सात प्रखंडों के बीपीओ पर हुई कार्रवाई
समीक्षा के क्रम में पता चला कि बोड़ाम, धालभूमगढ़, डुमरिया, घाटशिला, गुड़ाबांदा, मुसाबनी और पटमदा के प्रखंडों में किताब वितरण की प्रक्रिया काफी धीमी है। यहां 90% से कम वितरण हुआ है। इन सभी प्रखंडों के बीपीओ को शो-काज करते हुए इनका वेतन रोक दिया गया और निर्देश दिया गया कि दो दिन के अंदर सारी पाठ्य पुस्तकें छात्रों के बीच वितरित कर दी जाएं। सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की आईडी भी बनाने का निर्देश दिया गया है। ई विद्या वाहिनी से बच्चों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति बैंक खाते की वर्तमान स्थिति, आधारभूत संरचना आदि की भी समीक्षा की गई।
मेनू के अनुसार उपलब्ध कराएं मिड डे मील
मिड डे मील को मेनू के अनुसार छात्रों के बीच उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडे के अलावा बीईईओ, बीपीओ, सीआरपी आदि मौजूद थे।

