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Jharkhand News : नशा तस्करी की सूचना देने वालों को मिलेगा 2 लाख रुपये तक का पुरस्कार, झारखंड सरकार ने जारी की नई नीति संकल्प जारी

Jharkhand News : सरकार ने अपने संकल्प में कहा है कि अफीम, हेरोइन, कोकीन, ब्राउन शुगर, मॉर्फीन, गांजा और कोडीन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों का अवैध कारोबार राज्य और देश के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।

by Nikhil Kumar
Jharkhand Government Offers Reward for Drug Trafficking Information
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रांची : झारखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार को एक संकल्प जारी कर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध उत्पादन, अवैध व्यापार और पेडलिंग की सूचना देने वाले मुखबिरों तथा कार्रवाई करने वाले सरकारी कर्मियों के लिए पुरस्कार नीति लागू कर दी है।

नई नीति के तहत नशा तस्करी की सटीक सूचना देकर बरामदगी या कार्रवाई कराने वाले मुखबिरों को 2 लाख रुपये तक तथा सफल कार्रवाई करने वाले सरकारी अधिकारियों एवं कर्मियों को 1 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

सरकार ने अपने संकल्प में कहा है कि अफीम, हेरोइन, कोकीन, ब्राउन शुगर, मॉर्फीन, गांजा और कोडीन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों का अवैध कारोबार राज्य और देश के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। नशीले पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता का सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही यह समस्या सामाजिक ताने-बाने, आर्थिक विकास और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी खतरा बन रही है।

नीति के अनुसार ऐसे मुखबिर पुरस्कार के पात्र होंगे जिनकी सूचना के आधार पर मादक पदार्थों की बरामदगी या तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हो। इसके अलावा एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करने वाले सरकारी सेवकों तथा अपराध का पता लगाने में सहयोग देने वाले अन्य सरकारी एजेंसियों के कर्मियों को भी पुरस्कार दिया जाएगा।

संकल्प में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुरस्कार की राशि तय करते समय सूचना की गुणवत्ता, कार्रवाई में निभाई गई भूमिका, उठाए गए जोखिम, किए गए प्रयास और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखा जाएगा। इसलिए हर मामले में अधिकतम पुरस्कार राशि देना अनिवार्य नहीं होगा।

सरकार ने मुखबिरों की सुरक्षा और गोपनीयता को भी प्राथमिकता दी है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और बिना आवश्यकता के उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। वहीं जानबूझकर झूठी या भ्रामक सूचना देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।

पुरस्कार स्वीकृति के लिए एएनटीएफ प्रमुख की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय पुरस्कार समिति का गठन किया गया है। समिति पात्र मामलों की समीक्षा कर पुरस्कार राशि स्वीकृत करेगी। बड़े मामलों में केंद्रीय पुरस्कार समिति की स्वीकृति भी ली जाएगी।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि नई पुरस्कार नीति से नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जनसहयोग बढ़ेगा, गुप्त सूचनाएं अधिक प्राप्त होंगी और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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