Ranchi : राज्यसभा चुनाव में दूसरी सीट पर परिमल नथवानी के नामांकन को लेकर रांची में भाजपा और कांग्रेस में दिन भर खींचतान चली। कांग्रेस के कार्यकर्ता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए थे। बाद में भाजपा कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे। दोनों दलों के नेताओं ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस के मंत्री इरफान अंसारी, राधा कृष्ण किशोर आदि भी मौके पर जमा हो गए थे।
कांग्रेसियों ने लगा दिया था एड़ी चोटी का जोर
कांग्रेसी मंत्रियों ने आरोप लगाया की परिमल नथवानी के अधिवक्ता से फ्रेश एफिडेविट लेकर उनका नामांकन वैध घोषित किया गया है। कांग्रेस इसे मुद्दा बनाने का एलान कर चुकी है। वहीं भाजपाइयों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में परिमल नथवानी का नामांकन रद करने का दबाव बनाने के लिए कांग्रेसियों ने हंगामा किया और धरना प्रदर्शन किया।
कांग्रेस की तरफ से इस बात के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया गया था कि परिमल नथवानी का नामांकन रद हो जाए।
देर से रांची पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सलमान खुर्शीद
इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील सह कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद को दिल्ली से बुलाया गया था। लेकिन सलमान खुर्शीद समय पर रांची नहीं पहुंच पाए। वह 12:30 बजे पहुंचे। जब सलमान खुर्शीद मौके पर पहुंचे तो उन्हें राज्यसभा निर्वाचन में लगे अधिकारियों की तरफ से बताया गया की स्क्रुटनी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस दौरान भाजपा की तरफ से बुलाए गए एक अधिवक्ता के अलावा कांग्रेस के अधिवक्ता भी वहां मौजूद थे। दोनों अधिवक्ताओं ने अपना अपना पक्ष रखा।
पत्रकारों से बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि वह समय से नहीं पहुंच सके। समय पर पहुंचते तो वह भी अपना पक्ष रखते।
मंगलवार को ही दाखिल कर दिया गया था जवाब
गौरतलब है कि परिमल नथवानी की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए उनके अधिवक्ता को बुधवार को 11:00 बजे का समय दिया गया था।
भाजपा के सूत्रों ने बताया कि परिमल नथवानी की तरफ से मंगलवार को ही जवाब दाखिल कर दिया गया था। 11:00 बजे के बाद नामांकन पत्र की त्रुटियों के जांच का काम शुरू हुआ।
कांग्रेसियों ने पक्षपात का लगाया आरोप
कांग्रेस के मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने आरोप लगाया की पूरे मामले में पक्षपात किया गया है। परिमल नथवानी का नामांकन जानबूझकर वैध करार दिया गया। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ स्क्रुटनी की प्रक्रिया होती है, कोई नया एफिडेविट या कागजात लेने का प्रावधान नहीं है।
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