
मेदिनीनगर (पलामू) : जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र के बिंदुबिगहा गांव दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मामूली बात पर गुस्सा और धैर्य खो देना किस कदर तबाही ला सकता है, यह वारदात इसका जीता-जागता उदाहरण है। अगर आरोपियों ने थोड़ा सा सब्र दिखाया होता, तो चार महीने के मासूम की जान नहीं जाती और हंसता-खेलता परिवार यूं तबाह न होता। हमला करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिया पर बैठने का विवाद बना काल
घटना दो जुलाई की शाम करीब साढ़े आठ बजे की है। फगुनी पासवान के बेटों का गांव के ही चितरंजन पासवान उर्फ शिवम से घर के पास एक पुलिया पर बैठने को लेकर मामूली विवाद हुआ था। उस वक्त अगर बात वहीं खत्म हो जाती या समझदारी से काम लिया जाता, तो यह खूनी संघर्ष में नहीं बदलता।
लेकिन चितरंजन ने गुस्से में आपा खो बैठा। वह वहां से गया और कुछ ही देर बाद धारदार हथियार (बलुआ) लेकर वापस लौटा। उसने फगुनी पासवान के भाई दीपक पासवान के घर पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया।
पल भर के गुस्से ने उजाड़ा परिवार
इस हमले में दीपक पासवान, उनकी पत्नी रूपा देवी और उनका चार महीने का मासूम बेटा प्रिंस कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सभी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मासूम प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल माता-पिता का इलाज एमएमसीएच डालटनगंज में चल रहा है। मात्र एक पल के गुस्से और सब्र की कमी ने एक मां-बाप से उनका कलेजे का टुकड़ा हमेशा के लिए छीन लिया।
दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद
घटना की गंभीरता को देखते हुए हैदरनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मुख्य आरोपी चितरंजन कुमार पासवान और उसके पिता तुलसी पासवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही मुख्य आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया फरसा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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