Home » East Singhbhum Health News: पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया पर जिला प्रशासन अलर्ट, 14 दिनों में 1.04 लाख से अधिक जांच, 6 मौतें

East Singhbhum Health News: पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया पर जिला प्रशासन अलर्ट, 14 दिनों में 1.04 लाख से अधिक जांच, 6 मौतें

by Mujtaba Haider Rizvi
East Singhbhum Malaria Cases 2026
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि जिले के संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर सर्विलांस, मलेरिया जांच, उपचार, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस) और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य हर संदिग्ध मरीज की 24 घंटे के भीतर जांच और इलाज सुनिश्चित करना है।

सिविल सर्जन ने बताया कि 29 जून से 12 जुलाई 2026 के बीच जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में कुल 1,04,459 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इनमें 96,478 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) और 7,981 स्लाइड जांच शामिल हैं। जांच के दौरान 1,895 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए। इनमें 1,491 पी. फाल्सीपेरम (पीएफ), 353 पी. विवैक्स (पीवी) और 51 मिश्रित संक्रमण के मामले शामिल हैं। जिले की कुल मलेरिया पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत दर्ज की गई।

पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सबसे अधिक 24,657 लोगों की जांच की गई। इसके अलावा मुसाबनी में 15,150, घाटशिला में 12,121 और डुमरिया में 11,060 लोगों की जांच हुई। सबसे अधिक संक्रमित मरीज पोटका (667), डुमरिया (427), मुसाबनी (344) और घाटशिला (212) में मिले हैं। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी, फोकस्ड सर्विलांस, आईआरएस और त्वरित उपचार अभियान चलाया जा रहा है।

सदर अस्पताल में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 14.36 प्रतिशत रही, जिसका कारण यहां गंभीर और रेफर मरीजों की जांच होना बताया गया। वहीं शहरी मानगो क्षेत्र में इस अवधि के दौरान मलेरिया का कोई भी मरीज नहीं मिला, जबकि बिरसानगर शहरी क्षेत्र में केवल दो मामले सामने आए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक मलेरिया से छह लोगों की मौत हुई है। इनमें चार मरीजों की मौत सेरेब्रल मलेरिया और दो की मिश्रित संक्रमण के कारण हुई। सभी मामलों की चिकित्सकीय समीक्षा कराई जा रही है ताकि उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि बुखार को कभी भी सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर मलेरिया की जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं और मौत के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।

उपायुक्त ने मीडिया से मलेरिया जागरूकता अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि लोगों को यह संदेश दिया जाए कि बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मलेरिया की जांच कराएं।

उन्होंने जिलेवासियों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, स्वास्थ्य विभाग के सर्वे और आईआरएस अभियान में सहयोग करने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

Read Also: Jamshedpur Brain Malaria : ब्रेन मलेरिया को लेकर हाई अलर्ट पर पोटका, अब तक चार बच्चों की मौत, 60 से ज्यादा इलाजरत

Related Articles

Leave a Comment