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Jamshedpur news : सबर समाज की जमीन पर कब्जे का आरोप, आंदोलन की चेतावनी

रैयती जमीनों पर कथित अवैध कब्जे का मामला गरमाया

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur: जिले के टेल्को से सटे हुरलुंग पंचायत अंतर्गत सबर टोला, मौजा लुपुगड़ीह में आदिम जनजाति सबर समाज की रैयती जमीनों पर कथित अवैध कब्जे का मामला गरमा गया है। विलुप्तप्राय सबर समुदाय की समस्याओं को सुनने रविवार को आदिम जनजाति नेता सुकलाल पहाड़िया गांव पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी सामाजिक, आर्थिक और भूमि संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

बाहरी लोगों के संरक्षण में हो रही साजिश
बैठक में सबर परिवारों ने आरोप लगाया कि वर्षों से जिन रैयती जमीनों पर उनका वैधानिक अधिकार है, उन पर गांव के ही कुछ प्रभावशाली और सफेदपोश लोग बाहरी लोगों के संरक्षण में कब्जा करने का प्रयास कर रहे है।ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आदिम जनजाति सबर समाज अपने पुश्तैनी अधिकारों से वंचित हो जाएगा।

यह आदिम जनजाति के अस्तित्व पर हमला
ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि सबर समाज पहले से ही विकास की मुख्यधारा से काफी पीछे है। अब यदि उनकी पुश्तैनी एवं रैयती जमीनों पर भी अवैध कब्जे की कोशिश की जा रही है, तो यह आदिम जनजाति के अस्तित्व, आजीविका और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।

उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर पीढ़ियों से सबर परिवार खेती-बाड़ी और निवास करते आए हैं, उन्हें उनसे छीनने का प्रयास किया जा रहा है। यह केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि आदिम जनजाति के अधिकारों के हनन का गंभीर मामला है।

प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग
सुकलाल पहाड़िया ने जिला प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों द्वारा सबर समाज की रैयती जमीनों पर कथित अवैध कब्जा किया गया है या कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर जमीन वास्तविक रैयतों को वापस दिलाई जाए।

साथ ही उन्होंने भविष्य में आदिम जनजाति की जमीनों पर किसी भी प्रकार के अवैध हस्तांतरण एवं कब्जे पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।

आंदोलन की चेतावनी
सुकलाल पहाड़िया ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामसभाओं, आदिवासी संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

यह आंदोलन जल, जंगल, जमीन और आदिम जनजाति सबर समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

शिक्षा-स्वास्थ्य समेत अन्य समस्याएं भी उठीं
बैठक के दौरान सबर परिवारों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, राशन, रोजगार और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहने की समस्याएं भी सुकलाल पहाड़िया के समक्ष रखीं।

सुकलाल पहाड़िया ने भरोसा दिलाया कि इन सभी मुद्दों को संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि सबर समाज को उनका अधिकार मिल सके।

इस अवसर पर समाजसेवी गुरुचरण कर्मकार, गुरूदेव सबर, विराज सबर, गंगामुनी सबर, सावित्री सबर, संजय सबर, सुनील सबर, सुशील सबर, माधुरी सबर, छतर पहाड़िया सहित बड़ी संख्या में सबर समुदाय के महिला-पुरुष और ग्रामीण उपस्थित थे। बैठक में सबर समाज के अधिकारों की रक्षा, भूमि सुरक्षा और सामाजिक विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

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