
Ranchi : ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट, झारखंड के प्रवक्ता सरफराज हुसैन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक, आदिवासी, मूलवासी, अनुसूचित जाति, महिलाओं तथा सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसलिए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाना आवश्यक है।
सरफराज हुसैन ने निर्वाचन आयोग से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने, किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले अनिवार्य रूप से नोटिस जारी करने और सुनवाई का अवसर देने की मांग की है। साथ ही ग्राम सभा और वार्ड सभा की भागीदारी बढ़ाने तथा खतियान, वंशावली समेत पारंपरिक अभिलेखों को पहचान और सत्यापन के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया को किसी भी परिस्थिति में नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया का स्वरूप नहीं दिया जाना चाहिए। इसके अलावा आयोग से जिला स्तर पर प्रतिदिन पारदर्शिता बुलेटिन जारी करने की मांग की गई है, जिसमें सत्यापन, दावे-आपत्तियों, लंबित मामलों और संभावित नाम विलोपन से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं। इससे आम नागरिक, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन स्वतंत्र रूप से पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर सकेंगे।
सरफराज हुसैन ने उम्मीद जताई कि निर्वाचन आयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान प्रदत्त मताधिकार की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाएगा

