
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला अदालत ने तीन वर्ष पुराने एक गंभीर अपहरण कांड में अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए आरोपी को कड़ी सजा से दंडित किया है। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद गुवा के रहने वाले अभियुक्त जामेदार चाम्पिया उर्फ लोगोर चाम्पिया को धारा 364 (भादवि) का दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 30,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा प्रकरण गुवा थाना कांड संख्या 12/2023 से संबंधित है। मामले की शुरुआत गालु चाम्पिया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। शिकायत के मुताबिक 18 अप्रैल 2023 आरोपी जामेदार चाम्पिया ने गुवा बाजार से दो व्यक्तियों—गोविन्द चाम्पिया और सोमनाथ चाम्पिया का बलपूर्वक अपहरण कर लिया और उन्हें जंगल की ओर ले गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 4 मई 2023 को अपहरण का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
चाईबासा पुलिस कि अनुसंधान के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए नुईया गांव थाना गुवा निवासी आरोपी जामेदार चाम्पिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच अधिकारी ने गवाहों के बयानों के साथ-साथ ठोस वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए। सभी सबूतों को शामिल करते हुए पुलिस ने अदालत में मजबूत आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।
23 जुलाई को आया अदालत का अंतिम निर्णय
अदालत में यह मामला सत्र वाद संख्या 454/2023 के तहत चला। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद 23 जुलाई को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया। न्यायालय के इस फैसले पर पीड़ित पक्ष ने संतोष व्यक्त किया है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि सजा के इस फैसले से इलाके के अपराधियों में भय पैदा होगा और कानून-व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
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