
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी आयोग की परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्र उग्र हो गए हैं। बुधवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना- प्रदर्शन किया। इसके बाद जेपीएससी और जेएसएससी में धाधली व भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला। तेज बारिश के बावजूद छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए वे हर संघर्ष को तैयार हैं। अल्बर्ट एक्का चौक पर संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। परीक्षा में धांधली पर रोक तथा पारदर्शी व्यवस्था की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू
छात्रों ने कहा कि उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू हो गया। रांची के अलावा अन्य जिलों में भी उनका धरना प्रदर्शन प्रस्तावित था। लेकिन हजारीबाग में प्रदर्शन पर रोक के बाद छात्र सीधे पहुंच गए। इस आदोलन का जेएलकेएम ने भी समर्थन दे रखा है। छात्रों का कहना है कि जेपीएससी की कार्यप्रणाली में सुधार होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के पूर्व स्टेडिसम में धरना पर बैठे छात्रों ने अपने आंदोलन को गैर-राजनीतिक बताया। कुछ राजनीतिक दलों की इसमें दखलअंदाजी पर कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई। उनके अनुसार यह आंदोलन उन्होंने अपने अधिकारों और भविष्य के लिए शुरू किया है। राजनीतिक दल को आंदोलन का श्रेय लेने या राजनीतिक फायदा उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि झारखंड सरकार केंद्र की तरह आंदोलन की अनदेखी करने की भूल न करे और शीघ्र अभ्यर्थियों से संवाद शुरू करे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने एवं अनदेखी किए जाने पर आंदोलन को तेज किया जाएगा। छात्रों का आरोप है कि उनकी बसों को रास्ते में रोक दिया गया, जिसके बाद कई अभ्यर्थी ट्रेन से राजधानी पहुंचे।
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