
चाईबासा : शहर के बाईपास चौक पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने के मुद्दे को लेकर शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा और आदिवासी हो समाज महासभा के सदस्य आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। इस दौरान जमकर नारेबाजी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बस से भेज दिया।
आमने-सामने हुए दोनों पक्ष के लोग, जमकर की नारेबाजी
झामुमो कार्यकर्ता बाईपास चौक पर शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना का कार्य कर रहे थे। इसी बीच आदिवासी हो समाज महासभा के लोग जुलूस बनाकर पैदल मार्च करते हुए चौक पहुंचे। वहां पहले से मौजूद झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी शुरू हो गई। झामुमो की तरफ से प्रतिमा स्थल पर पार्टी का झंडा, बैनर और दिशुम गुरु शिबू सोरेन का चित्र लगाया गया। जवाब में हो समाज महासभा के सदस्यों ने अपना झंडा फहराया और शहीद पोटो हो का चित्र स्थापित कर दिया। दोनों ओर से लगातार नारेबाजी होती रही।
पोटो हो की प्रतिमा लगाने पर अड़ी हो महासभा
इसके बाद आदिवासी हो समाज महासभा के लोग प्रतिमा स्थल के पास धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि इसी जगह पर शहीद पोटो हो की प्रतिमा स्थापित की जाए। सूचना मिलते ही सदर एडीसी क्रिस्टो कुमार बेसरा, एसडीओ संजय कुमार, एसडीपीओ बहामन टुटी, मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार, डीटीओ गौतम कुमार, सदर सीओ उपेंद्र कुमार और मेजर सार्जेंट मंशु गोप मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया।
हिरासत में लिए गए हो महासभा के लोग
इसके बाद अपर उपायुक्त सहित अन्य अधिकारी भी पहुंचे। कई दौर की वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बनने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने धरने पर बैठे हो समाज महासभा के सदस्यों को हिरासत में लिया और बस में बैठाकर घटनास्थल से हटाया। इसके बाद धरना स्थल को खाली कराया गया।
प्रशासन सतर्क, बड़ी संख्या में पुलिस तैनात
धरना समाप्त होने के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने बाईपास चौक पर प्रतिमा स्थापना से जुड़ा काम फिर से शुरू किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान एहतियातन भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की सतर्कता के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि प्रतिमा को लेकर दोनों संगठनों के बीच मतभेद साफ तौर पर सामने आ गया है। अब प्रशासन के अगले निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हैं।

