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Ranchi Pahari Mandir : सावन की पहली सोमवारी पर रांची के पहाड़ी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 4 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक

सावन की पहली सोमवारी पर रांची का धार्मिक वातावरण पूरी तरह शिवमय दिखाई दिया। सुबह से हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया

by Rakesh Pandey
Ranchi Pahari Mandir
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रांची : सावन माह की पहली सोमवारी पर झारखंड की राजधानी रांची पूरी तरह शिवमय हो गई। सुबह होने से पहले ही शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में हजारों शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय शिव शंकर’ के जयघोष से गूंज उठा।

सावन की पहली सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। रांची ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी मंदिर पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

सुबह 4 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक, तड़के से पहुंचने लगे श्रद्धालु

पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना तड़के करीब 3:30 बजे से ही शुरू हो गया था। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ हुआ, जो लगातार चलता रहा। भक्त अपने साथ गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री लेकर पहुंचे। विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की।

पहाड़ी मंदिर समेत प्रमुख शिवालयों में रही भारी भीड़

पहाड़ी मंदिर के अलावा शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। महाकाल मंदिर सहित कई मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन समितियों ने स्वयंसेवकों की तैनाती की थी, जिससे दर्शन और पूजा की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रही।

अर्घा प्रणाली से कराया गया सुगम जलाभिषेक

श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने विशेष व्यवस्थाएं कीं। जलाभिषेक को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए पहाड़ी मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों में अर्घा प्रणाली लागू की गई, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसानी से जल अर्पित कर सके।

भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं। इसके अलावा प्रवेश और निकास के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल रहा तैनात

सावन की पहली सोमवारी पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पहाड़ी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। पूरे मंदिर परिसर की निगरानी चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की गई। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार निगरानी करती रही।

श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुई पहली सोमवारी

सावन की पहली सोमवारी पर रांची का धार्मिक वातावरण पूरी तरह शिवमय दिखाई दिया। सुबह से लेकर देर तक हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा में विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। सावन के पूरे महीने प्रत्येक सोमवारी को पहाड़ी मंदिर और अन्य शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष तैयारियां जारी रखने की बात कही है।

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