
रांची : श्रावणी मेला के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से झारखंड पहुंचने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने यातायात व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुपालन में रांची, देवघर समेत सभी जिलों में यातायात और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। परिवहन सचिव राजीव रंजन की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों और जिला परिवहन पदाधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में इसको लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। खासकर कांवरियों और श्रद्धालुओं को लेकर चलने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग पूरी तरह रोकने का निर्देश दिया गया है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की स्थिति में भी क्षमता से अधिक यात्रियों को वाहनों में बैठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
देवघर समेत प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी
श्रावणी मेला के दौरान देवघर और बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। वहीं रांची समेत राज्य के अन्य जिलों में भी भीड़, वाहनों के दबाव और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
परिवहन सचिव राजीव रंजन ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि दुर्घटना संभावित स्थानों और विशेष रूप से चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर प्रभावी सुरक्षात्मक व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। ऐसे स्थानों पर आवश्यक संकेतक, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
होल्डिंग प्वाइंट पर रहेगी नजर
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिलों में निर्धारित होल्डिंग प्वाइंट पर मजबूत यातायात व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया गया है। भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति में वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने तथा जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देने के लिए अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे।
परिवहन सचिव ने कहा कि श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और सुरक्षित निकास के लिए यातायात व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है। किसी भी स्थान पर भीड़ का दबाव बढ़ने पर संबंधित अधिकारी तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।
लाइसेंस और ई-चालान की भी समीक्षा
बैठक में राजस्व संग्रहण के साथ लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस शिविर, लंबित आवेदनों के निष्पादन, भारी मोटरयान चालक अनुज्ञप्ति और ई-चालान की भी समीक्षा की गई। कार्यालयों की कार्यक्षमता और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों की प्रगति की जानकारी भी ली गई।
परिवहन विभाग ने सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों, जिला परिवहन पदाधिकारियों और मोटरयान निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि श्रावणी मेला के दौरान सड़क सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। राज्य स्तर से इसकी लगातार निगरानी की जाएगी। यहां बता दें कि श्रावण मास 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक रहेगा।

