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Ranchi News : विश्व हृदय दिवस पर रांची में 100 से अधिक लोगों की हुई कार्डियक जांच, CPR प्रशिक्षण में बताए जीवन बचाने के तरीके

Ranchi News : कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिनव कुमार ने हृदय रोगों के शुरुआती संकेतों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, अचानक कमजोरी और बेचैनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

by Anurag Ranjan
Ranchi World Heart Day Cardiac Screening and CPR Training
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Ranchi : विश्व हृदय दिवस के अवसर पर पैनासिया सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, रांची में नि:शुल्क कार्डियक हेल्थ चेक-अप कैंप और CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 100 से अधिक मरीजों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर स्वास्थ्य जांच और जीवनरक्षक प्रशिक्षण का लाभ उठाया।

कैंप में प्रतिभागियों की हृदय संबंधी जांच की गई। साथ ही हृदय रोगों से बचाव, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जरूरी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने लोगों को हृदय रोग के जोखिम कारकों और शुरुआती लक्षणों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान सीपीआर और बीएलएस का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षक ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में सही तरीके से सीपीआर देना मरीज की जान बचाने में मददगार हो सकता है।

अस्पताल के सीओओ मनस लाभ ने कहा कि हृदय स्वास्थ्य केवल डॉक्टरों और अस्पतालों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट जैसी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए।

कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिनव कुमार ने हृदय रोगों के शुरुआती संकेतों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, अचानक कमजोरी और बेचैनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बीएलएस एवं सीपीआर ट्रेनर विशाल सिंह ने प्रतिभागियों को सीपीआर देने की सही प्रक्रिया और आपातकालीन स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक जीवनरक्षक उपायों का प्रशिक्षण दिया।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में बचाव आधारित स्वास्थ्य देखभाल और आपात स्थिति में जीवन बचाने की क्षमता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अस्पताल की ओर से भविष्य में भी स्वास्थ्य जांच, जागरूकता और जीवनरक्षक प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।

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