Home » JHARKHAND POLITICAL NEWS: बीजेपी ने कर दी ये मांग, पेसा से जुड़ा कैबिनेट प्रस्ताव सार्वजनिक करे हेमंत सरकार

JHARKHAND POLITICAL NEWS: बीजेपी ने कर दी ये मांग, पेसा से जुड़ा कैबिनेट प्रस्ताव सार्वजनिक करे हेमंत सरकार

by Vivek Sharma
BJP MEETING
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

RANCHI: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर तीखा हमला करते हुए पेसा से संबंधित कैबिनेट से पारित प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार यह स्पष्ट क्यों नहीं कर रही कि कैबिनेट में पारित प्रस्ताव में वास्तव में क्या प्रावधान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पेसा प्रस्ताव पारित करने के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रही है और स्वागत कार्यक्रम करा रही है। लेकिन प्रस्ताव की सामग्री को जनता के सामने लाने से बच रही है। इससे यह संदेह गहराता है कि सरकार कहीं न कहीं कोई ऐसी बात छिपा रही है, जिसे सार्वजनिक नहीं करना चाहती।

मीडिया से मिल रही जानकारी

उन्होंने कहा कि पेसा एक्ट जिन समाजों, उनकी परंपराओं, रीति-रिवाजों और शासन व्यवस्थाओं से जुड़ा है, आज वही समाज वास्तविक स्थिति से अनजान है। चाहे आम जनता हो या जनप्रतिनिधि, सभी को मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर ही जानकारी मिल रही है। बाबूलाल ने सरकार से मांग की कि दिग्भ्रम की स्थिति समाप्त करने के लिए कैबिनेट से पारित प्रस्ताव को अविलंब सार्वजनिक किया जाए।

निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराए

इसके साथ ही बाबूलाल मरांडी ने निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराए जाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि दलीय आधार पर चुनाव होने से विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जनता के बीच सेवा कार्य करते हुए अधिक जिम्मेदारी और सक्रियता से जनप्रतिनिधि की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने गैर-दलीय चुनाव को मसल और मनी पावर को बढ़ावा देने वाला बताते हुए कहा कि यह स्वच्छ लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।

प्रदेश प्रभारी ने की समीक्षा

वहीं भाजपा के प्रदेश प्रभारी सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि आज की बैठक पूरी तरह सांगठनिक थी, जिसमें संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि पार्टी समय-समय पर इस तरह की बैठकों के माध्यम से अपनी नीतियों और कार्यक्रमों की समीक्षा करती रहती है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी पेसा प्रस्ताव पारित होने के बाद उसे सार्वजनिक नहीं किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली अधिसूचित क्षेत्रों की पारंपरिक शासन व्यवस्था पर आधारित है और यह प्राचीन स्वशासन प्रणाली के संरक्षण व संवर्धन का माध्यम है।

READ ALSO: RANCHI NEWS: बड़ा तालाब का ड्रोन सर्वे पूरा, जानें क्या मिला नगर निगम के अधिकारियों को

Related Articles