
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार समेत संबंधित पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिला इनोवेशन चैलेंज एवं ‘चेंज मेकर स्पॉटलाइट’ पहल के तहत नामांकित शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और साधनसेवियों द्वारा किए गए नवाचारी कार्यों की समीक्षा की गई। प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) में अध्ययनरत बच्चों की सीखने में सहभागिता बढ़ाने और विद्यालयी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर विकसित किए गए विभिन्न नवाचारों का समिति ने मूल्यांकन किया।
इसके लिए जिले से कुल 157 शिक्षकों ने अपने नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर ‘चेंज मेकर स्पॉटलाइट’ के लिए नामांकन कराया था। जिला स्तरीय समिति ने प्राप्त विवरण और प्रस्तुत किए गए कार्यों के मूल्यांकन के बाद तीन अलग-अलग श्रेणियों में कुल 9 शिक्षकों का चयन किया।
चयनित शिक्षकों में ‘कक्षा उत्प्रेरक’ श्रेणी के तीन, ‘वेल वेंडिंग चैंपियन’ (हेल्थ, न्यूट्रीशन और वेलनेस) श्रेणी के तीन तथा कक्षा से बाहर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के पठन-पाठन को बेहतर बनाने वाले तीन शिक्षक शामिल हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रभावी और रचनात्मक प्रयासों को पहचान दिलाना, शिक्षकों को प्रोत्साहित करना तथा उनके सफल प्रयोगों को अन्य विद्यालयों तक पहुंचाना है। इसके माध्यम से दूसरे विद्यालयों के शिक्षक भी उपयोगी नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से चयनित शिक्षकों के बेहतर प्रयासों को व्यापक स्तर पर साझा करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे नवाचारों से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मजबूत होगा और बच्चों के सर्वांगीण विकास को भी गति मिलेगी।

