लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और इसे जून या जुलाई 2025 में आम जनता के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। एक्सप्रेसवे के चालू होते ही टोल वसूली भी शुरू कर दी जाएगी। यूपी सरकार की एजेंसी यूपीडा (UPEIDA) ने इसके लिए टोल ऑपरेटर एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है।
पहले साल में ही 60 करोड़ रुपये की टोल आय
यूपीडा के अनुमान के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे से पहले ही साल में लगभग 60 करोड़ रुपये की टोल आय होगी। 91.35 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर दो मुख्य लेन और सात रैम्प होंगे। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर, आंबेडकरनगर, संतकबीरनगर और आजमगढ़ जिलों के लोगों को सीधा लाभ देगा।
टोल दरें निर्धारित- दोपहिया से लेकर ओवरसाइज वाहनों तक
एक तरफ का टोल शुल्क इस प्रकार होगा
दोपहिया वाहन: अधिकतम ₹140
कार व हल्के वाहन: अधिकतम ₹285
हल्के वाणिज्यिक वाहन: अधिकतम ₹440
बस और ट्रक: अधिकतम ₹840
भारी निर्माण वाहन: अधिकतम ₹1335
ओवरसाइज वाहन: अधिकतम ₹1745
रिटर्न यात्रा पर 25% की छूट दी जाएगी।
मासिक पास की सुविधा भी उपलब्ध
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर मासिक पास की दरें भी तय की गई हैं
दोपहिया/तीनपहिया वाहन: ₹2280
कार/हल्के वाहन: ₹4560
हल्के वाणिज्यिक वाहन: ₹7050
बस/ट्रक: ₹13430
भारी निर्माण वाहन: ₹21390
ओवरसाइज वाहन: ₹27910
टोल संग्रह में भारी वाहनों का होगा सबसे अधिक योगदान
कुल टोल संग्रह में सबसे ज्यादा 67% हिस्सा भारी निर्माण वाहनों से आने की संभावना है। इसके बाद कार और जीप जैसे वाहनों का योगदान 37% रहेगा। ट्रक और बसें 16%, जबकि मिनी बस जैसे वाहनों का हिस्सा 11% रहेगा।
एजेंसी संभालेगी सेवा संचालन की जिम्मेदारी
टोल वसूली के साथ-साथ चयनित एजेंसी को निम्नलिखित सेवाओं का संचालन भी करना होगा
4 एडवांस श्रेणी की एम्बुलेंस
4 पेट्रोलिंग वाहन
4 सेफ्टी वाहन
परियोजना की लागत और विशेषताएं
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लागत ₹7283.28 करोड़ है, जो प्रति किलोमीटर लागत के हिसाब से अब तक की सबसे महंगी परियोजना मानी जा रही है।
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