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Greater Noida: 125 करोड़ की लागत से फ्लैटेड फैक्टरी बनाएगी योगी सरकार

योगी सरकार का यह प्रयास उत्तर प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। सेक्टर-28 में प्रस्तावित फ्लैटेड फैक्ट्री न केवल एमएसएमई सेक्टर को गति देगी, बल्कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

by Anurag Ranjan
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ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के तौर पर स्थापित कर योगी सरकार तेजी से प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की ओर बढ़ रही है। प्रदेश की इस प्रगति में हैवी इंडस्ट्रीज का तो योगदान है ही, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम उद्योग (एमएसएमई) का भी बड़ा योगदान है। इसी बात को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर सबसे ज्यादा फोकस कर रहे हैं। इस कड़ी में अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) भी एक बड़ी पहल करने जा रहा है।

रविवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यीडा की ओर से मुख्यमंत्री योगी के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर एक कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अनुसार, गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा स्थित सेक्टर 28 में आधुनिक फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण होगा। फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स के निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने जा रही है और फिलहाल मास्टर प्लान व अन्य रिपोर्ट्स के निर्माण पर काम चल रहा है। प्रक्रिया के अनुसार, लगभग 125 करोड़ की लागत से 24 महीने में निर्माण कार्यों को पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। यहां कुल 38,665 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बेसमेंट व ग्राउंड फ्लोरयुक्त तीन मंजिल ऊंचे कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा। जिन्हें 24 व 30 मीटर चौड़े संपर्क मार्गों के जरिए हाइवे से जोड़ा जाएगा।

आर्थिक विकास की दिशा में बड़ी पहल

योगी सरकार का यह प्रयास उत्तर प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। सेक्टर-28 में प्रस्तावित फ्लैटेड फैक्ट्री न केवल एमएसएमई सेक्टर को गति देगी, बल्कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स के जरिए सरकार का उद्देश्य छोटे उद्यमियों को एक ही परिसर में सभी बुनियादी सुविधाओं से लैस यूनिट्स देना है ताकि उत्पादन कार्य बिना किसी बाधा के चल सके। यीडा का यह कदम न केवल निवेशकों को आकर्षित करेगा बल्कि क्षेत्र की तरक्की के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा।

ईपीसी मोड पर निर्माण कार्यों को किया जाएगा पूरा

यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर होगा और इसका निर्माण कार्य 24 महीनों में पूरा किया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद परियोजना के अंतर्गत तीन साल की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि भी लागू होगी। यह बहुमंजिला (बेसमेंट+ग्राउंड फ्लोर+3 फ्लोर युक्त) फ्लैटेड फैक्टरी एरिया में सूक्ष्म, लघु व मध्यम दर्जे के उद्यमों के लिए अत्याधुनिक सुविधा युक्त यूनिट्स होंगे।

भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखकर पूरा होगा निर्माण कार्य

प्रवक्ता ने बताया कि प्रक्रिया के अंतर्गत मुख्य भवन निर्माण के साथ ही परिसर को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक विकसित किया जाएगा। यहां आंतरिक जल आपूर्ति, इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई, फायर फाइटिंग सिस्टम, एलिवेटर, एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त, परिसर की डिजाइन को पर्यावरण-अनुकूल बनाया जाएगा और इसमें ग्रीन बिल्डिंग मानकों का भी पालन किया जाएगा। इसमें सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी, एक्सेस कंट्रोल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सुविधाएं भी लगाई जाएंगी। योजना के तहत फैक्ट्री परिसर से संबंधित बाहरी विकास कार्य भी किए जाएंगे जिसमें बाउंड्री वॉल, गेट, गार्ड रूम, इंटरनल रोड, पार्किंग, ड्रेनेज, सीवरेज, वाटर सप्लाई, प्लंबिंग पंप, अग्निशमन उपकरणों की स्थापना और लैंडस्केपिंग भी शामिल हैं।

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