Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम में भाजपा के मंडल अध्यक्षों के चुनाव में खेल होने की बात सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि कतिपय नेताओं ने अपने उम्र में हेराफेरी कर मंडल अध्यक्ष का पद हासिल कर लिया है। ऐसा कहा जा रहा है कि जिले के पांच मंडल अध्यक्षों ने ऐसा करने के लिए अपने दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की है और उम्र कम कर ली है। कुछ नेता इस मामले को लेकर ऊपर शिकायत करने का मन बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि मंडल अध्यक्षों के चुनाव में हुई इस गड़बड़ी का असर संगठन के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव पर भी पड़ सकता है। क्योंकि, जिलाध्यक्ष के चुनाव में मंडल अध्यक्षों की भूमिका खासी अहम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि पूर्वी सिंहभूम में मंडल अध्यक्षों का चुनाव 15 दिसंबर को संपन्न हुआ। इस बार पार्टी का साफ आदेश था कि मंडल अध्यक्षों की उम्र 45 साल से कम होनी चाहिए। भाजपा के सूत्रों की मानें तो शहर के कम से कम पांच इलाकों के मंडल अध्यक्ष ऐसे थे, जिनकी उम्र 45 साल से अधिक है। नियमानुसार इन इलाकों में नए युवा नेताओं को मौका मिलना चाहिए था। मगर, ऐसा नहीं हुआ। इन इलाकों के मंडल अध्यक्षों ने अपने दस्तावेज में जन्म तिथि में हेरफेर कर अपनी उम्र 45 साल से कम दिखा दी। सभी ने अपने अपने दस्तावेज की फोटो कॉपी संगठन के वरिष्ठ नेताओं को दिखाई और मंडल अध्यक्षी हासिल कर ली। बताया जा रहा है कि इससे युवा नेताओं में नाराजगी है। मगर, जिन लोगों ने मंडल अध्यक्ष का पद हासिल किया है, उनका संगठन में दबदबा है। इस वजह से कोई बोलने के लिए तैयार नहीं है। लेकिन, अंदरखाने यह बात चर्चा का विषय बन गई है कि कतिपयत मंडल अध्यक्षों ने फर्जीवाड़ा कर यह पद हासिल किया है।
शहर के ही रेलवे स्टेशन के उस पार के एक इलाके के मंडल अध्यक्ष भी 45 साल से अधिक उम्र के हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें भी लोगों ने सलाह दी थी कि वह भी किसी तरह दाएं-बाएं कर दोबारा मंडल अध्यक्ष बन जाएं। मगर, उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वह भाजपा की नेतागीरी करने के अलावा, टाटा मोटर्स के कर्मचारी भी हैं। अगर, वह दस्तावेज में हेराफेरी करते हैं तो कंपनी में उनकी नौकरी पर भी आंच आ सकती है। इसलिए, उन्होंने मंडल अध्यक्ष का पद छोड़ देना ही बेहतर समझा।
दो पदाधिकारियों की अहम की लड़ाई में फंसा कदमा
जमशेदपुर महानगर में कुल 28 मंडल हैं। 15 दिसंबर को हुए चुनाव में इनमें से 17 मंडलों का चुनाव संपन्न कर दिया गया है। इन इलाकों के मंडल अध्यक्षों का एलान कर दिया गया। जिन 11 मंडलों में चुनाव नहीं हो पाया है, उसमें कदमा मंडल भी शामिल है। कदमा मंडल अध्यक्ष का भी चुनाव संपन्न नहीं हो पाया है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, यहां पार्टी के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच अहम की लड़ाई है। दोनों पदाधिकारी चाहते हैं कि कदमा में जो मंडल अध्यक्ष बने, वह उनके खेमे का हो। इनमें से एक पदाधिकारी भाजपा के जिला संगठन में हैं, तो दूसरे अधिकारी प्रदेश के संगठन में हैं। हालांकि, दोनों पदाधिकारी कदमा के ही रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि इसी खींचतान के चलते कदमा मंडल में मंडल अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया। अब इस मामले में प्रदेश संगठन से हस्तक्षेप करने को कहा गया है। उसी के बाद कदमा में मंडल अध्यक्ष का चुनाव संपन्न हो पाएगा।
महानगर अध्यक्ष पद के लिए भी खींचतान
जमशेदपुर के महानगर अध्यक्ष पद के लिए भी खींचतान चल रही है। पार्टी के सूत्रों के अनुसार महासनगर अध्यक्ष पद के दावेदारों की उम्र 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, इस पद के लिए रायशुमारी हो चुकी है। इस पद पर अभी महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जो 17 मंडल अध्यक्ष अभी चुने गए हैं उनमें से 11 मंडल अध्यक्षों का सपोर्ट सुधांशु ओझा को मिला हुआ है। इसके अलावा, अमित अग्रवाल, दीपू सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, सोनू ठाकुर, दीपक झा आदि भी इस पद के दावेदार हैं।
मंडल अध्यक्ष के लिए संगठन की तरफ से उम्र सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है। मंडल अध्यक्ष को 45 साल से अधिक उम्र का नहीं होना चाहिए। इसीलिए कई मंडल खाली रह गए हैं। अगर, कहीं कुछ गड़बड़ी हुई तो शिकायत या सुबूत मिलने के बाद इसे प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा। सुधांशु ओझा, महानगर अध्यक्ष भाजपा

