
रांची : झारखंड में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत 2.69 लाख ऋण वितरण का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए राज्य में योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
केंद्र सरकार द्वारा योजना का पुनर्गठन करते हुए इसकी अवधि मार्च 2030 तक बढ़ाने के बाद राज्य में इस योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है।2011 की जनगणना के आधार पर चिन्हित सेंसेस टाउन (जनगणना नगर) को भी इसमें शामिल किया गया है। यानी, पग वैसे ग्रामीण इलाकों जो निकाय के अंतर्गत नहीं है लेकिन शहरी विकास हो गया हो रहा है
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा झारखंड के 49 नगर निकायों के साथ-साथ 149 सेंसेस टाउन को जोड़कर कुल 2.69 लाख ऋणों का संशोधित लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नगर विकास विभाग ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य के 20 जिलों के 60 प्रखंडों में स्थित सेंसेस टाउन में योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित प्रखंडों को इसके लिए आवश्यक लॉगिन और तकनीकी व्यवस्था भी उपलब्ध करा दी गई है।
फुटकर विक्रेताओं को दिया जाता है लोन
योजना के तहत पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। योजना में तीन चरणों में ऋण दिया जाता है। पहले चरण में 15,000 रुपये, दूसरे चरण में 25,000 रुपये और तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक। समय पर ऋण चुकाने पर अगले चरण का ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।
इसके साथ ही लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक प्रोत्साहन की सुविधा भी दी जाती है, जिससे छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त लाभ मिलता है।
राज्य सरकार का मानना है कि सेंसेस टाउन को योजना में शामिल करने से अधिक से अधिक पथ विक्रेताओं को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

