
रांची : रांची के मोरहाबादी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक पुलिसकर्मी को गाड़ी से धक्का मार कर भागने वाला थार ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी का नाम विश्राम उरांव है। वह बरियातू का रहने वाला है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल की गई काली रंग की थार गाड़ी को भी जब्त कर लिया है।
नगर पुलिस उपाधीक्षक केवी रमण ने बताया कि घटना 14 जुलाई दिन में करीब 11:30 बजे की है। मोरहाबादी के प्राइम पार्क के पास पुलिस की एक टीम आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी।
इस बीच पुलिस को एक संदिग्ध काले रंग की महिंद्रा थार आती दिखी। गाड़ी के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी, आगे का शीशा टूटा हुआ था और पीछे के नंबर प्लेट पर मिट्टी पोती गई थी ताकि नंबर न पढ़ा जा सके।
रोकने पर पुलिसकर्मी को मारी टक्कर
गाड़ी को संदिग्ध देखकर पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया। लेकिन रुकने के बजाय ड्राइवर ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश की। इसी आपाधापी में उसने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए सामने खड़े पुलिस के पेट्रोलिंग वाहन के ड्राइवर को जोरदार टक्कर मार दी।
पुलिसकर्मी सीधे सड़क पर जा गिरा और उसके सिर में गंभीर चोट आई। घायल पुलिसकर्मी को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसके सिर पर पांच टांके लगाए हैं। राहत की बात यह है कि अभी पुलिसकर्मी की हालत खतरे से बाहर है और उसका इलाज चल रहा है।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई जांच
घटना के तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आ गई। फरार वाहन की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों और वाहन नंबर के आधार पर जांच शुरू की गई। वाहन का नंबर ट्रेस करने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी विश्राम उरांव को गिरफ्तार कर लिया तथा घटना में इस्तेमाल की गई थार को भी जब्त कर लिया।
सिटी डीएसपी केवी रमण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वाहन पर ब्लैक फिल्म लगाने, नंबर प्लेट को मिट्टी से ढकने और वाहन की अन्य अनियमितताओं के पीछे क्या उद्देश्य था। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
रांची पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन जांच के दौरान पुलिस जब रुकने का संकेत देती है तो पूरा सहयोग करें। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार के जांच अभियान अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नियमित रूप से चलाए जाते हैं। जांच से बचने के लिए वाहन भगाने या पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

