
रांची : अगर आप आज राजधानी रांची की सड़कों पर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने जा रही ऐतिहासिक ‘आदिवासी एकता महाजुटान रैली’ को लेकर पूरा शहर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के सख्त पहरे में है। राज्य के सभी 24 जिलों से लाखों की संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया है।
यदि आप ट्रैफिक जाम से बचना चाहते हैं और निर्बाध सफर करना चाहते हैं, तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों, नो-एंट्री के नियमों और पार्किंग प्लान को ध्यान से समझ लें।
भारी वाहनों के लिए रिंग रोड ही एकमात्र सहारा
शहर के भीतर यातायात का दबाव न बढ़े, इसके लिए सुबह 08 बजे से लेकर मध्यरात्रि 12 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों के रांची शहर में प्रवेश पर पूरी तरह रोक (नो-एंट्री) लगा दी गई है। शहर के बाहर से गुजरने वाले सभी भारी वाहन अब केवल रिंग रोड के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री के सामान्य नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
दोपहर 3 बजे से इन प्रमुख मार्गों पर थम जाएंगे पहिए
कार्यक्रम के चरम समय को देखते हुए दोपहर 03 बजे से लेकर रैली की समाप्ति तक मोरहाबादी और आसपास के कई प्रमुख रास्तों को आम वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
जेल चौक से करमटोली चौक
करमटोली से टीआरआई मैदान
करमटोली चौक से एसएसपी आवास मोड़
एसएसपी आवास से बापू वाटिका मोरहाबादी
राम मंदिर से अतिविशाल मोरहाबादी
एटीआई मोड़ से सिदो-कान्हू मोड़
ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे इन रास्तों पर बेवजह जाने से बचें और निजी चारपहिया वाहनों का प्रयोग केवल आपातकालीन स्थिति में ही करें। आवश्यकता अनुसार अन्य रास्तों को भी थोड़े समय के लिए डायवर्ट किया जा सकता है।
किस जिले से आने वाली गाड़ियों के लिए कहां है पार्किंग
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और प्रदर्शनकारियों की सहूलियत तथा शहर की पार्किंग व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिलावार पार्किंग स्थल तय किए गए हैं:
हजारीबाग और रामगढ़: डीआईजी मैदान (चरियातु) और टीआरआई मैदान।
गुमला और लोहरदगा: आईटीआई मैदान।
खूंटी: जीईएल चर्च मैदान।
सिमडेगा, कामडारा और तोरपा : हरमू मैदान।
सरायकेला, जमशेदपुर और चाईबासा : लोयला मैदान (पुरुलिया रोड)।
गढ़वा, पलामू और डालटनगंज: ओटीसी मैदान।
सामान्य/सभी जिलों के छोटे वाहन: रांची यूनिवर्सिटी फुटबॉल मैदान,मोराबादी।
कई जनजातियों के लोग हो रहे शामिल
पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक हुंकार के साथ होने वाले इस आयोजन में मुंडा, उरांव, संथाल, हो और खड़िया समेत कई जनजातियों के लोग शामिल हो रहे हैं। इस महाजुटान की अगुवाई कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बंधु तिर्की, दयामनी बारला, रमा खलखो और ग्लैडसन डुंगडुंग जैसे बड़े आदिवासी व सामाजिक नेता कर रहे हैं।
परिसीमन में सीटों की सुरक्षा
महाजुटान की सबसे मुख्य मांग परिसीमन के बाद आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बचाना है। वर्तमान में झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में 28 और 14 लोकसभा सीटों में 5 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। आदिवासी नेताओं की मांग है कि यदि भविष्य में कुल सीटें बढ़ती हैं, तो आबादी के अनुपात में ST सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाए।
सरना धर्म कोड और संवैधानिक अधिकार
रैली में अलग ‘आदिवासी धर्म कोड’ लागू करने, 5वीं अनुसूची के अनुपालन, सीएनटी-एसपीटी कानून की रक्षा, विस्थापन रोकने और जल-जंगल-जमीन पर अधिकार का मुद्दा जोर-शोर से उठेगा। रैली में शामिल होने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी के. राजू विशेष रूप से हैदराबाद से रांची पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, आयोजकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी इस महाजुटान का न्योता दिया है।
Read Also:

