
घाटशिला, गालूडीह। सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बराज डैम में शुक्रवार शाम नहाने उतरे दो युवक तेज पानी के बहाव में बहने लगे। दोनों को डूबता देख उनके साथी ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास मछली पकड़ रहे दिगड़ी गांव के मछुआरे तत्काल नदी में कूद पड़े और रस्सी के सहारे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मछुआरों की सूझबूझ और साहस से दोनों की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, पुराना राखा माइंस और स्वासपुर निवासी तीन युवक शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे के बाद गालूडीह बराज पहुंचे थे। इनमें से दो युवक नदी में नहाने के लिए उतर गए। बराज के 18 गेट में से दो गेट खुले थे, जिसके कारण उस स्थान पर पानी का तेज बहाव था। नहाने के दौरान दोनों युवक तेज धार की चपेट में आकर नदी के अंदर जाने लगे।
दोनों को डूबता देख तीसरे साथी ने शोर मचाया। इसके बाद आसपास मौजूद दिगड़ी गांव के मछुआरे मदद के लिए दौड़े। मछुआरों ने बिना लाइफ जैकेट के अपनी जान की परवाह किए बगैर नदी में छलांग लगा दी और रस्सी के सहारे दोनों युवकों को बाहर निकाला। कुछ मछुआरे नाव लेकर भी नदी में उतर गए थे। बाहर निकालने के बाद मछुआरों ने दोनों को प्राथमिक उपचार दिया।
घटना की सूचना मिलने पर जादूगोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने साथ थाना ले गई। एक युवक की पहचान अमित चौधरी के रूप में हुई है। घटना के बाद दोनों काफी डरे – सहमे थे।
मछुआरों के साहस को लोगों ने किया सलाम
हादसे के दौरान बराज डैम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। दोनों युवकों को तेज बहाव में बहता देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मछुआरों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान हरी कैवर्त, लालटू कैवर्त, उपेन सिंह, समीर दत्त, मिथुन कैवर्त, प्रेम सोरेन, आकाश कैवर्त, रोहित सिंह समेत अन्य मछुआरों ने अहम भूमिका निभाई। उनके साहस एवं सहायता के लिए लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की ।
गेट नहीं खोलने की मांग
इधर, दिगड़ी के ग्राम प्रधान उपेन सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सुरक्षा को देखते हुए बराज के कुछ गेट नहीं खोलने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरफ स्थानीय लोग स्नान करने के साथ पर्यटक भी पहुंचते हैं। गेट खुलने पर पानी का तेज बहाव हादसे का कारण बन सकता है।
नदी में नहीं उतरने की अपील
गालूडीह बराज डिवीजन के कार्यपालक अभियंता प्रीकेश होरे ने बताया कि हादसे की जानकारी मिली है और मछुआरों ने दोनों युवकों की जान बचाई है। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। बराज में करीब 93 मीटर आरएल पानी स्टोर है। जलस्तर बढ़ने पर समय-समय पर सायरन बजाकर गेट खोले जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी में तेज बहाव होने के कारण फिलहाल कोई भी व्यक्ति नहाने के लिए नदी में न उतरे।
Read Also: Kolhan University : 31 अगस्त तक भरा जाएगा स्नातक 7वें सेमेस्टर का परीक्षा फाॅर्म

