
Ranchi: रांची के दशम फॉल थाना क्षेत्र में कार का शीशा तोड़ने की घटना का वायरल वीडियो आखिरकार पुलिस जांच में पूरी तरह साफ हो गया। सोशल मीडिया पर इसे युवतियों से बदसलूकी, रोड रेज और सरेआम गुंडागर्दी का मामला बताया जा रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि विवाद की शुरुआत एक सड़क दुर्घटना के बाद हुई थी। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया और मामला शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजामदा निवासी एक युवक अपनी कार से तीन युवतियों के साथ हजारीबाग जा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12:15 बजे दशम फॉल थाना क्षेत्र के पांचों गांव के पास उनकी कार ने आगे चल रही काले रंग की स्कॉर्पियो को पीछे से टक्कर मार दी।
स्कॉर्पियो में रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के दो युवक सवार थे। टक्कर के बाद उन्होंने बातचीत के लिए कार रुकवाने की कोशिश की, लेकिन कार चालक वाहन रोकने के बजाय आगे बढ़ गया। इसके बाद स्कॉर्पियो सवारों ने कार का पीछा किया और कुछ दूरी पर रोक लिया। इसी दौरान गुस्से में कार का शीशा तोड़ दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इसे रोड रेज और बदसलूकी की घटना के रूप में प्रचारित किया जाने लगा।
इधर, कार में मौजूद एक युवती ने दोपहर 12:33 बजे राज्य कंट्रोल रूम को फोन कर पीछा किए जाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही जिला कंट्रोल रूम और दशम फॉल थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिसकर्मी सबसे पहले बाइक से मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस वाहन भी घटनास्थल पहुंच गया।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के समय हाईवे पेट्रोलिंग वाहन नियमित गश्त पर था और उसके मूवमेंट का रिकॉर्ड उपलब्ध है। मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई थी।
बाद में स्थानीय लोगों और दोनों पक्षों के वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी में बातचीत हुई। स्कॉर्पियो सवार युवकों ने कार को हुए नुकसान की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए 30 हजार रुपये नकद मुआवजा दिया, जबकि कार सवार पक्ष ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराने पर सहमति जताई।
पुलिस ने बताया कि इस घटना में किसी भी पक्ष के किसी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई और आपसी समझौते के बाद मामला शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।

