RANCHI: रांची जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि और नियमों के अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में शनिवार को निजी स्कूलों के प्रिंसिपल्स के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिलास्तरीय शुल्क निर्धारण समिति के पूर्व निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। बैठक में खुलासा हुआ कि जिले के 129 निजी स्कूलों में से 92 स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों में फीस वृद्धि के दौरान नियमों का उल्लंघन किया है। डीसी ने ऐसे सभी स्कूलों को इसी शैक्षणिक सत्र में फीस एडजस्टमेंट करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित स्कूलों को 15 दिनों के भीतर फी-एडजस्टमेंट प्लान तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपने को कहा।
20 स्कूलों ने नहीं किया पीटीए का गठन
डीसी ने पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन (पीटीए) के गठन की भी समीक्षा की। जिले के सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संचालित 149 स्कूलों में से 129 स्कूलों ने पीटीए का गठन कर लिया है, जबकि 20 स्कूलों ने अब तक इसकी जानकारी नहीं दी है। डीसी ने स्पष्ट कहा कि अधिनियम का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं बैठक में अनुपस्थित रहने वाले स्कूलों को लेकर भी डीसी ने नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी करने और उनका फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का निर्देश दिया। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित स्कूलों का संचालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।

आरटीई पर भी हुई चर्चा
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के नामांकन पर भी विशेष चर्चा हुई। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने पिछले सत्र में निजी स्कूलों के सहयोग की सराहना करते हुए इस वर्ष भी 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया के लिए जल्द ही ऑनलाइन लॉटरी आयोजित की जाएगी। बैठक में सेंसस 2027 के तहत स्व-गणना अभियान को लेकर भी जानकारी दी गई। डीसी ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपल से कहा कि वे बच्चों और अभिभावकों को डिजिटल माध्यम से स्वगणना के प्रति जागरूक करें। जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने बताया कि सेल्फ इन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार और आवास से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

