
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया नियंत्रण अभियान लगातार तेज गति से चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 29 जून से 12 जुलाई 2026 तक जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में बड़े पैमाने पर मलेरिया जांच, सर्विलांस और उपचार अभियान संचालित किया गया। इस दौरान कुल 1,04,459 लोगों की जांच की गई, जिनमें 96,478 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) और 7,981 स्लाइड जांच शामिल हैं।
जांच के दौरान कुल 1,895 मलेरिया संक्रमित मरीजों की पहचान हुई। इनमें 1,491 पी. फाल्सीपेरम (पीएफ), 353 पी. विवैक्स (पीवी) और 51 मिश्रित संक्रमण के मामले मिले। जिले की कुल मलेरिया पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है।
पोटका में सबसे अधिक जांच, इन क्षेत्रों में मिले ज्यादा मरीज
दो सप्ताह के अभियान के दौरान पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सबसे अधिक 24,657 लोगों की जांच की गई। इसके बाद मुसाबनी में 15,150, घाटशिला में 12,121 और डुमरिया में 11,060 लोगों की जांच हुई।
संक्रमण के मामलों की बात करें तो पोटका में 667, डुमरिया में 427, मुसाबनी में 344 और घाटशिला में 212 मरीज मिले। इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग विशेष निगरानी, सर्विलांस और नियंत्रण अभियान चला रहा है।
सदर अस्पताल में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 14.36 प्रतिशत दर्ज की गई। विभाग के अनुसार यहां मुख्य रूप से रेफर और गंभीर लक्षण वाले मरीजों की जांच होने के कारण यह दर अपेक्षाकृत अधिक रही।
वहीं शहरी क्षेत्रों में राहत की स्थिति देखने को मिली। अर्बन मानगो में इस अवधि के दौरान एक भी मलेरिया मरीज नहीं मिला, जबकि अर्बन बिरसानगर में केवल दो मामले सामने आए।
12 जुलाई को मिले 69 नए मरीज
रविवार 12 जुलाई को जिले में कुल 11,184 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इनमें 10,287 RDT और 897 स्लाइड जांच शामिल थीं।
आज की जांच में कुल 69 नए मरीज मिले, जिनमें 50 पी. फाल्सीपेरम, 15 पी. विवैक्स और 4 मिश्रित संक्रमण के मामले शामिल हैं।
सबसे अधिक नए मरीज पोटका (33), घाटशिला (13), मुसाबनी (12), डुमरिया (6), पटमदा (4) और धालभूमगढ़ (1) में मिले।
गांवों में IRS और जागरूकता अभियान जारी
मलेरिया नियंत्रण के तहत 12 जुलाई को धालभूमगढ़ के एक गांव और पोटका के दो गांवों में इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित इलाकों में लगातार सर्विलांस, जांच, दवा वितरण और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया जांच कराएं। घर और आसपास पानी जमा न होने दें, रात में मच्छरदानी का उपयोग करें और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सर्वे तथा नियंत्रण कार्य में सहयोग दें। विभाग का लक्ष्य पूर्वी सिंहभूम को मलेरिया मुक्त बनाना है।

