बेरमो : कोयलांचल के चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो महतो मार्केट के समीप दुर्गा मंदिर परिसर में एक अद्वितीय धार्मिक स्थल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। 51 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा, 30 फीट लंबी गदा, हथेली पर लिखा “राम” और थ्री-डी आंखों की सजीव झलक इसे एक अनोखा आकर्षण बना रही है।
प्रतिमा निर्माण का गौरवशाली सफर
2022 में दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो द्वारा इस प्रतिमा की नींव रखी गई थी। ओडिशा के 24 अनुभवी कारीगरों और इंजीनियर विकास रंजन पात्रा के नेतृत्व में इस प्रतिमा का निर्माण हुआ। अब यह प्रतिमा क्षेत्र का धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनने जा रही है।
प्रतिमा की विशेषताएं
- ऊंचाई और भव्यता : 51 फीट की यह प्रतिमा झारखंड में पलामू के बाद दूसरी सबसे ऊंची है।
- थ्री-डी आंखें : प्रतिमा की आंखें इतनी सजीव हैं कि यह दर्शकों को लंबे समय तक निहारने पर मजबूर करती हैं।
- अनूठा निर्माण : 40×40 वर्गफीट क्षेत्र में बनी इस प्रतिमा की नींव 30 फीट गहराई तक डाली गई है।
- सुदूर से दर्शन : तेलो रेलवे स्टेशन और मुख्य सड़क से यह प्रतिमा दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई देती है।
एक नया पर्यटन स्थल
निर्माण कार्य में दिवंगत मंत्री के पुत्र अखिलेश महतो और स्थानीय समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस परियोजना में लगभग ₹1.10 करोड़ की लागत आई है। तेलो में पहले से महादेवगढ़ा का शिव-पार्वती मंदिर प्रसिद्ध है। अब हनुमान जी की यह भव्य प्रतिमा यहां के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और भी बढ़ा देगी। स्थानीय लोग इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे हैं।
आकर्षक कार्यक्रमों की योजना
प्रतिमा के उद्घाटन के बाद यहां भव्य रामनवमी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इंजीनियर विकास रंजन पात्रा ने कहा कि यह प्रतिमा अब तक की उनकी सबसे उत्कृष्ट कृति है। कारीगरों की कलाकारी और मजबूत संरचना इसे लंबे समय तक संरक्षित रखेगी। हनुमान जी की यह प्रतिमा न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को नई ऊंचाई देगी बल्कि यह क्षेत्र को एक नया पहचान भी दिलाएगी।

