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Yashashvi Jaiswal: एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने की सूची में सहवाग से आगे निकले यशस्वी

एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 2010 में 1562 रन बनाए थे। वहीं, गावस्कर ने 1979 में 1555 रन बनाए थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर अब यशस्वी आ गए हैं जिन्होंने इस साल टेस्ट में 1478 रन बनाए। भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 2008 में 1462 रन और 2010 में 1422 रन बनाए थे।

by Anurag Ranjan
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स्पोर्ट्स डेस्क : एक ओर जहां बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी में भारतीय भारतीय टीम निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए 1-2 से पिछड़ गई है। वहीं दूसरी ओर टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। साल यशस्वी का बल्ला टेस्ट मैचों में जमकर बोलता रहा। इस साल उन्होंने कुल 1478 रन बनाए। इसके साथ ही एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने विस्फोटक सलामी बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग को पीछा छोड़ दिया है, जिन्होंने 2008 में 1462 रन बनाए थे।

गौरतलब है कि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच में सोमवार को 184 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, यशस्वी ने इस टेस्ट की दोनों पारियों में शानदार खेल का प्रदर्शन किया था। यशस्वी पहली पारी में 82 और दूसरी पारी में भी 84 रन बना अपना जलवा बिखेरने में सफल रहे। दूसरी पारी में पुरी भारतीय टीम मात्र 155 रन पर ही सिमट गई थी। यशस्वी ने अपने टेस्ट करियर का 10वां अर्धशतक जड़ा। इतना ही नहीं, यशस्वी ने ऋषभ पंत के साथ 88 रन की साझेदारी भी की थी, लेकिन यह साझेदारी टूटने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और उसे हार का सामना करना पड़ा।

आउट पर हुआ विवाद

दूसरी पारी में यशस्वी की शानदार इनिंग्स का अंत पैट कमिंस ने किया था। लेकिन, उनके आउट होने पर विवाद खड़ा हो गया। कमिंस की लेग साइड पर शॉर्ट पिच गेंद को यशस्वी ने फाइन लेग पर खेलने की कोशिश की। लेकिन वह चूक गए और गेंद विकेटकीपर कैरी के हाथों में समा गई। मैदानी अंपायर ने यशस्वी को आउट नहीं दिया। जिसके बाद कमिंस ने डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। इसके बाद स्निको मीटर से जांचा गया, लेकिन स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया और यशस्वी को आउट करार दिया। इससे वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए और कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सवाल खड़े किए।

सचिन-गावस्कर के क्लब में शामिल हुए यशस्वी

अपनी इस शानदार पारी के दम पर यशस्वी जायसवाल ने पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर के क्लब में अपना नाम शामिल करा लिया है। बता दें कि एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 2010 में 1562 रन बनाए थे। वहीं, गावस्कर ने 1979 में 1555 रन बनाए थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर अब यशस्वी आ गए हैं, जिन्होंने इस साल टेस्ट में 1478 रन बनाए। भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 2008 में 1462 रन और 2010 में 1422 रन बनाए थे।

इतना ही नहीं यशस्वी सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गज भारतीय बल्लेबाजों की उस विशेष सूची में भी शामिल हो गए हैं, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 50+ स्कोर बनाया है। यशस्वी ने एमसीजी टेस्ट की पहली पारी में 82 रन बनाए थे और दूसरी पारी में 84 रन पर आउट हुए। यशस्वी से पहले मंसुर अली खान पटौदी, जीआर विश्वनाथ, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भी एमसीजी टेस्ट की दोनों पारियों में 50+ स्कोर बना चुके हैं। पटौदी ने 1967 में इस मैदान पर 75 और 85 रन बनाए थे, जबकि जीआर विश्वनाथ ने 1977 में 59 और 54 रनों की पारी खेली थी। सचिन ने 1999 में एमसीजी टेस्ट में 116 और 52 रन बनाए थे। वहीं, कोहली ने 2014 में इसी मैदान पर 169 और 54 रनों की पारी खेली थी।

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