RANCHI: भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस पार्टी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह योजना इसलिए रास नहीं आ रही है क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा रोजगार और बेरोजगारी भत्ता की गारंटी दी गई है। उन्होंने कहा कि जी राम जी योजना विकसित भारत अभियान के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि जहां मनरेगा में 100 दिन रोजगार का प्रावधान था, वहीं जी राम जी योजना के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इतना ही नहीं यदि किसी कारण से मजदूरों को काम नहीं मिलता है तो सरकार की ओर से बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।
कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा था भ्रष्टाचार का अड्डा
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया था। मजदूरों के स्थान पर मशीनों से काम कराया जाता था और मजदूरी के नाम पर पंचायतों व प्रखंड स्तर पर भारी लूट होती थी। इसके विपरीत जी राम जी योजना में भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने की व्यापक व्यवस्था की गई है। सांसद ने कहा कि इस नए अधिनियम में एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली लागू की गई है।
साथ ही निगरानी के लिए केंद्रीय और राज्य स्तरीय संचालन समितियों का गठन किया गया है। पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कार्यों की निगरानी के लिए जीपीएस और मोबाइल आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू होगा। इसके अलावा रियल टाइम एमआईएस डैशबोर्ड की व्यवस्था की गई है, जिससे हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहेगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्ष में दो बार सुदृढ़ सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य किया गया है। आदित्य साहू ने कहा कि मनरेगा में गबन, भ्रष्टाचार और लूट-खसोट आम बात हो गई थी। इसलिए केवल छोटे सुधार नहीं बल्कि एक नए ढांचे की आवश्यकता थी, जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया है।

