RANCHI: रिम्स की अधिग्रहित जमीन से जुड़े बहुचर्चित फर्जीवाड़ा मामले में आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। एंटी करप्शन ब्यूरो की विशेष अदालत ने जेल में बंद आरोपी राजेश झा और चेतन कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं मामले में नामजद सुमित्रा कुमारी बड़ाईक और मुन्नी कुमारी को भी अग्रिम राहत देने से अदालत ने इनकार करते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया।जानकारी के अनुसार एसीबी ने 7 अप्रैल को इस मामले में चार आरोपियों राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति साबित करने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की थी। मामला वर्ष 1964-65 में रिम्स के लिए अधिग्रहित करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकानों का निर्माण किया गया। झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
RANCHI NEWS: रिम्स जमीन फर्जीवाड़ा केस में आरोपियों को झटका, एसीबी कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज
जमीन पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकानों का किया गया था निर्माण
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