RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को परिवहन विभाग तथा राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली, योजनाओं की अद्यतन प्रगति व लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आमजन को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का उपयोग करें। उन्होंने परिवहन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के अलावा भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया गया। स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रेजेंटेशन देखने के बाद वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भूमि अभिलेखों का होगा डिजिटलीकरण
राज्य में भूमि अभिलेखों के व्यापक एवं चरणबद्ध डिजिटलीकरण को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश सीएम ने दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आम नागरिकों को भूमि खरीदारी से पूर्व संबंधित भूमि की स्थिति के संबंध में संपूर्ण व अद्यतन जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से रैयतों एवं आमजनों को पारदर्शी और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होगी, जिससे भूमि क्रय-विक्रय से संबंधित अनिश्चितता एवं विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने अधिग्रहित भूमि के संबंधित विभागों अथवा उपयोगकर्ता एजेंसियों को समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।
खासमहल जमीन पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, लीज हस्तांतरण तथा भूमि के प्रयोजन परिवर्तन (चेंज ऑफ लैंड यूज) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जटिलताओं के कारण आमजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस दिशा में सभी प्रक्रियाओं का मानकीकरण करते हुए उन्हें ऑनलाइन एवं ट्रैकिंग-आधारित प्रणाली से जोड़ने पर भी बल दिया गया। खासमहल अंतर्गत सभी लीजधारकों का व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण और मैपिंग कराया जाए, जिससे प्रत्येक लीजधारक का अद्यतन डाटाबेस तैयार हो सके। इसके साथ ही, सभी लीज से संबंधित दस्तावेजों का पुनः सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) सुनिश्चित किया जाए।
आईडीटीआर की प्रगति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जमशेदपुर में स्थापित किए जा रहे इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से व्यावसायिक एवं प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षुओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
वहीं धनबाद में विकसित किए जा रहे वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र (इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस केंद्र को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाए, ताकि वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा तथा वाहन मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की ली जानकारी
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। जनजागरूकता अभियान, ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार तथा नियमों के सख्त अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने ‘गुड सेमेरिटन योजना’ और ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता एवं राहत प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944’ प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
वाहन परीक्षण एवं स्क्रैपिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकारी परिसरों में खड़ी अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण हेतु एक ठोस मॉडल विकसित किया जाए, जिससे राजस्व सृजन हो सके। उन्होंने वाहनों का श्रेणीवार वर्गीकरण, प्रत्येक विभाग में वाहनों की उपयोगिता का आकलन तथा नीलामी की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही खराब और पुलिस मामलों से संबंधित वाहनों के निपटान हेतु कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ठोस रणनीति बनाने को कहा, ताकि थाना परिसरों की साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके।
ये रहे मौजूद
विभागीय मंत्री दीपक बिरुआ, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव राजीव रंजन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

