
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत मझगांव थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद आदिवासी समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस संवेदनशील घटना को देखते हुए आदिवासी हो समाज युवा महासभा और मानकी-मुंडा संघ ने एक संयुक्त आपातकालीन बैठक बुलाई। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में घटना की मौजूदा परिस्थितियों और आदिवासी समाज की सुरक्षा को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
पड़सा मैदान में एक विशाल आपातकालीन महाबैठक का किया गया आह्वान
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड ने मारपीट की घटना की तीखे शब्दों में निंदा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। हालात की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए 16 जुलाई को पड़सा मैदान में एक विशाल आपातकालीन महाबैठक (महाजुटान) का आह्वान किया गया है।
जनता से महाबैठक में भारी से भारी संख्या में शामिल होने की अपील की
राष्ट्रीय अध्यक्ष सामड ने सोशल मीडिया के माध्यम से आदिवासी समाज के प्रबुद्ध जनों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम जनता से अपील की है कि वे इस महाबैठक में भारी से भारी संख्या में शामिल हों। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि क्षेत्र में अमन-चैन, कानून व्यवस्था और सामाजिक भाईचारा बनाए रखने के लिए सभी को एकजुट होकर संवैधानिक तथा शांतिपूर्ण ढंग से ठोस कदम उठाने होंगे।
बैठक में कई प्रमुख सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया
इस महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक में मानकी-मुंडा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र पुरती, महिला महासभा की अध्यक्ष अंजू सामड और पश्चिमी सिंहभूम के जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुवा उपस्थित थे। इसके अलावा जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम, जिला कोषाध्यक्ष सत्यभरत बिरुवा सहित आशीष तिरिया, कमलेश बिरुवा, सिनी पुरती और यशवंती सिंकु जैसे कई प्रमुख सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और अपनी एकजुटता प्रकट की।

