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Horticultural Society of Jamshedpur : 103 से अधिक माली भाइयों एवं बहनों ने सीखी वैज्ञानिक बागवानी की आधुनिक तकनीकें

हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी ऑफ जमशेदपुर ने AIWC एवं जमशेदपुर कैंसर सोसाइटी लेडीज़ कमेटी के सहयोग से आयोजित की कार्यशाला

by Rakesh Pandey
Horticultural Society of Jamshedpur
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जमशेदपुर :  शहर को हरित, स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी ऑफ जमशेदपुर ने SNTI ऑडिटोरियम में गार्डन मेंटेनेंस एवं लॉन केयर विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया। AIWC एवं जमशेदपुर कैंसर सोसाइटी लेडीज़ कमेटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 90 से अधिक माली भाइयों एवं बहनों ने भाग लिया। कार्यशाला में वैज्ञानिक बागवानी, लॉन रखरखाव तथा स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

कार्यक्रम का उद्घाटन टाटा स्टील UISL के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर ने किया। इस अवसर पर हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी ऑफ जमशेदपुर की अध्यक्ष सुमिता नूपुर, टाटा स्टील UISL के महाप्रबंधक (टाउन O&M)  आर. के. सिंह, AIWC की विनीता शाह तथा जमशेदपुर कैंसर सोसाइटी लेडीज कमेटी की अध्यक्ष शैलजा सुंदरा रामम उपस्थित थीं।

अपने संबोधन में अतुल भटनागर ने कहा कि जमशेदपुर की हरित पहचान को बनाए रखने में माली भाइयों एवं बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आधुनिक एवं वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों को अपनाने, निरंतर सीखने और सुरक्षा मानकों का पालन करने पर बल दिया।

स्वागत भाषण में सुमिता नूपुर ने माली भाइयों एवं बहनों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी उनके कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। वहीं, शैलजा सुंदरा रामम ने बागवानी और स्वास्थ्य जागरूकता को एक साथ जोड़ने की इस पहल की प्रशंसा की।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण डॉ. जयश्री बांकिरा, स्पेशलिस्ट–मेडिकल ऑन्कोलॉजी, MTMH, MD (Medicine), Fellowship in Medical Oncology (MUHS) का मुख एवं मुख कैंसर की शीघ्र पहचान विषय पर जागरूकता व्याख्यान रहा। उन्होंने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव, मुख की स्वच्छता तथा समय पर जांच एवं उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला में प्रकृति स्नेह कम्पोस्ट के उपयोग एवं लाभों का प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद अनिल विद्यार्थी एवं डॉ. डी. चौबे ने गार्डन मेंटेनेंस तथा लॉन केयर एवं मेंटेनेंस पर तकनीकी सत्र लिए। प्रतिभागियों को छंटाई, मृदा स्वास्थ्य, पोषक तत्व प्रबंधन, कम्पोस्ट के उपयोग, कीट नियंत्रण एवं टिकाऊ लॉन रखरखाव की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।

अंत में संसाधन व्यक्तियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।  सुकन्या दास द्वारा प्रायोजित प्रकृति स्नेह के पैकेट तथा AIWC द्वारा प्रायोजित तौलिए एवं अल्पाहार सभी प्रतिभागियों को वितरित किए गए।

यह कार्यशाला तकनीकी कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभावी संगम रही तथा हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी ऑफ जमशेदपुर एवं सहयोगी संस्थाओं की शहर के माली समुदाय को सशक्त बनाने और जमशेदपुर की हरित विरासत को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

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