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Jamshedpur : राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की दौड़ में सीएम स्कूल की प्राचार्य रंजीता गांधी, राज्य से केंद्र को भेजा गया नाम 

Jamshedpur : रंजीता गांधी ने विद्यार्थियों के लिए प्राब्लम बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा दिया। नियमित कक्षाओं के साथ सप्ताह में तीन से चार आनलाइन अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की जाती हैं।

by Anurag Ranjan
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जमशेदपुर : मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बीपीएम बर्मामाइंस की प्रधानाध्यापिका रंजीता गांधी का नाम वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए झारखंड से अनुशंसित किया गया है। यह उपलब्धि उनकी दो दशक लंबी शिक्षण यात्रा, विद्यालय में किए गए नवाचारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पण का परिणाम मानी जा रही है।

रंजीता गांधी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झींकपानी डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कटक के रेवेंसा कालेज से उच्च शिक्षा हासिल की। वह भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) रांची, कोलकाता, अहमदाबाद में एजुकेशन इन लीडरशिप कार्यक्रम की पूर्व छात्रा हैं तथा नेतृत्व विकास से जुड़े विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने एनआइबीएम, चेन्नई से एक वर्षीय एग्जीक्यूटिव एमबीए भी किया है।

प्रधानाध्यापिका बनने के बाद बीपीएम प्लस टू विद्यालय विद्यालय में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए। उनके नेतृत्व में विद्यालय को जैक बोर्ड से सीबीएसई संबद्धता दिलाई गई। विद्यालय ने गुणवत्ता मूल्यांकन में पहली ही कोशिश में गोल्ड ग्रेड हासिल कर नई पहचान बनाई। शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और बेहतर प्रबंधन के कारण विद्यालय लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।

निजी विद्यालयों से सरकारी स्कूल तक का सफर

रंजीता गांधी ने वर्ष 2001 से 2012 तक जमशेदपुर के कई प्रतिष्ठित सीबीएसई व आइसीएसई से संबद्धता प्राप्त निजी विद्यालयों में अध्यापन किया। उन्होंने जमशेदपुर पब्लिक स्कूल, केरला समाजम माडल स्कूल, लोयोला और बेल्डीह चर्च जैसे स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाया। वर्ष 2012 में उनकी पहली सरकारी नियुक्ति बीपीएम बर्मामाइंस हाईस्कूल में अर्थशास्त्र शिक्षिका के रूप में हुई। वर्ष 2021 में विद्यालय के मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बनने के बाद उन्हें प्रधानाध्यापिका की जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्राब्लम बेस्ड लर्निंग और आनलाइन डाउट क्लास से मिली सफलता

रंजीता गांधी ने विद्यार्थियों के लिए प्राब्लम बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा दिया। नियमित कक्षाओं के साथ सप्ताह में तीन से चार आनलाइन अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की जाती हैं। जूम प्लेटफार्म के माध्यम से विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया जाता है। कोरोना काल में शुरू की गई यह व्यवस्था आज भी जारी है। व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने विद्यालय का शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम बनाए रखा है। उनके विषय अर्थशास्त्र विषय में भी शत प्रतिशत परिणाम है।

शिक्षा के साथ खेल, संगीत और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आगे बढ़े विद्यार्थी

विद्यालय के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2025 में एक छात्र का चयन बीआईटी सिंदरी में हुआ, जबकि इस वर्ष एक विद्यार्थी की काउंसिलिंग एनआइटी में चल रही है। छात्र अयंक राज ने पुस्तक लिखकर उसे अमेजन पर प्रकाशित किया है। कई विद्यार्थियों ने एमबीए प्रवेश परीक्षा और कंपनी सेक्रेटरी की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। खेलकूद में विद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी और योग प्रतियोगिताओं में भाग लेकर राज्य का नाम रोशन किया है। खेलों झारखंड शतरंज में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान प्राप्त हुआ है। वहीं एक विद्यार्थी संगीत में स्नातक की पढ़ाई भी कर रहा है।

विद्यालय केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और प्रतिभा के समग्र विकास का केंद्र बनना चाहिए। हमने इसी सोच के साथ कार्य किया तथा सभी के सहयोग से सफलता भी प्राप्त हुई। – रंजीता गांधी, प्राचार्या, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, बीपीएम बर्मामाइंस।

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