
रांची : प्रोजेक्ट भवन के बाहर गुरुवार को JSSC CGL के चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन और तेज हो गया। कभी हाथों में नियुक्ति पत्र और आंखों में एक सुरक्षित भविष्य का सपना लिए घूमने वाले युवा अब तीसरे दिन भी अपनी नौकरी बचाने के लिए सड़क पर डटे रहे।
विरोध दर्ज कराने के लिए कुछ अभ्यर्थियों ने सांकेतिक रूप से गले में फंदा डालकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अचानक नियुक्ति रद्द होने से उन्हें गहरा मानसिक और आर्थिक आघात पहुंचा है।
कुटे मैदान जाने से इनकार

प्रशासन ने प्रोजेक्ट भवन के पास से हटाकर उन्हें कुटे मैदान में धरना देने को कहा। लेकिन प्रशासन के निर्देश को अभ्यर्थियों ने खारिज कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सीधे सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए प्रोजेक्ट भवन के गेट पर ही जमे रहेंगे।
लंबा संघर्ष फिर अनिश्चितता
31 दिसंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी ट्रेनिंग और सात महीने की सेवा पूरी कर ली थी। अब अचानक फैसले से कई अभ्यर्थियों के सामने उम्र सीमा की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू
अपनी मांगें पूरी कराने के लिए अभ्यर्थियों ने कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है और वकालतनामा तैयार कराया है। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार रद्द करने का फैसला वापस लेकर उनकी सेवा बहाल नहीं करती, यह आंदोलन खत्म नहीं होगा।


