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West singhbhum news : मझगांव छात्र विवाद को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप, अंजुमन इस्लामिया ने उपायुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग

विद्यालय के छात्रों के बीच हुई आपसी झड़प के मामले में दोनों पक्षों द्वारा मझगांव थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस जांच जारी

by Hari Shankar Gope
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चाईबासा : मझगांव प्रखंड की सामाजिक संस्था अंजुमन इस्लामिया, मझगांव ने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को आवेदन सौंपकर मझगांव थाना क्षेत्र के प्लस टू उच्च विद्यालय में छात्रों के बीच हुई मारपीट की घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है। संस्था ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।आवेदन में कहा गया है कि विद्यालय के छात्रों के बीच हुई आपसी झड़प के मामले में दोनों पक्षों द्वारा मझगांव थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस जांच जारी है। इसके बावजूद कुछ व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य मंचों के माध्यम से घटना को दो समुदायों के बीच विवाद के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है।

 

बिना किसी आधिकारिक जांच या सार्वजनिक प्रमाण के लगाया जा रहा धार्मिक स्थल “देशाउली” के अपमान का आरोप

संस्था ने कहा है कि आदिवासी समुदाय के धार्मिक स्थल “देशाउली” के अपमान का आरोप बिना किसी आधिकारिक जांच या सार्वजनिक प्रमाण के लगाया जा रहा है। आवेदन में दावा किया गया है कि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है और इस तरह के आरोपों से मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

 

मुस्लिम समुदाय के खिलाफ की गईं आपत्तिजनक एवं भड़काऊ टिप्पणियां

अंजुमन इस्लामिया ने यह भी आरोप लगाया है कि 17 जुलाई को पड़सा गांव में आयोजित एक बैठक में कुछ वक्ताओं द्वारा मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक एवं भड़काऊ टिप्पणियां की गईं। आवेदन के अनुसार बैठक में मुस्लिम समुदाय के लोगों के आदिवासी गांवों में प्रवेश पर रोक तथा मुस्लिम व्यापारियों के साथ खरीद-बिक्री बंद करने जैसी बातें सामने आईं, जिन्हें संविधान की भावना और सामाजिक भाईचारे के विरुद्ध बताया गया है।

 

सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट, फर्जी खबरें और एआई से तैयार तस्वीरें प्रसारित कर धार्मिक एवं सामुदायिक भावनाएं भड़काने का प्रयास

संस्था ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट, फर्जी खबरें और एआई से तैयार तस्वीरें प्रसारित कर धार्मिक एवं सामुदायिक भावनाएं भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन में ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यालय आने-जाने के दौरान कुछ छात्रों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुई हैं, जिसके वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने का दावा किया गया है। संस्था ने कहा कि यदि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो विद्यार्थियों और अभिभावकों में भय का माहौल बनेगा तथा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।

 

प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए

प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। छात्रों के साथ मारपीट के दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। किसी भी समुदाय के विरुद्ध भड़काऊ भाषण, बहिष्कार या तनाव फैलाने वाले बयानों की जांच कर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं सांप्रदायिक सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

विद्यालय आने-जाने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की जाए। दोनों समुदायों के बीच संवाद स्थापित कर शांति एवं सौहार्द बहाल करने के लिए प्रशासन पहल करे। अंजुमन इस्लामिया ने अपने आवेदन में कहा है कि मझगांव क्षेत्र में आदिवासी और मुस्लिम समुदाय वर्षों से आपसी भाईचारे, सहयोग और सम्मान के साथ रहते आए हैं। संस्था ने जिला प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र में शांति, सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

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