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Maiyan Samman Yojana unmet promises : हक की लड़ाई में 25 किलोमीटर दूर से पहुंची महिलाएं, घाटशिला में फूटा आक्रोश

कांग्रेस प्रखंड कमेटी, घाटशिला के कार्यकारी अध्यक्ष बुढान मुर्मू के नेतृत्व में ये महिलाएं प्रखंड मुख्यालय पहुंची थीं.

by Reeta Rai Sagar
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Ghatshila (Jharkhand): झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मंईयां सम्मान योजना’ के तहत मिलने वाली सहायता राशि लंबे समय से नहीं मिलने से नाराज घाटशिला प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत आसना पंचायत के रावताड़ा गांव के झाड़बेड़ा टोला की दर्जनों ग्रामीण महिलाएं शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर 25 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर घाटशिला प्रखंड मुख्यालय पहुंचीं. इन महिलाओं ने बीडीओ के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा बताई और जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाने की मांग की.

आखिर क्यों अधूरी रह गई ‘मंईयां’ की उम्मीद?

महिलाओं ने बताया कि जब यह योजना शुरू हुई थी, तब उन्हें दो बार सहायता राशि प्राप्त हुई थी, जिससे उन्हें काफी उम्मीदें जगी थीं. लेकिन उसके बाद से अब तक उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली है. उनकी सबसे बड़ी शिकायत यह है कि वर्तमान में जो लाभार्थियों की सूची बनी है, उसमें उनके नाम शामिल नहीं हैं, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही. इस बात को लेकर उनमें गहरी नाराजगी है और उन्होंने मांग की है कि उनके नाम भी इस सूची में जोड़े जाएं, ताकि उन्हें भी सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ मिल सके.

कांग्रेस प्रखंड कमेटी, घाटशिला के कार्यकारी अध्यक्ष बुढान मुर्मू के नेतृत्व में ये महिलाएं प्रखंड मुख्यालय पहुंची थीं. बीडीओ की अनुपस्थिति में उन्होंने कार्यालय के प्रधान सहायक को अपना ज्ञापन सौंपा. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश सचिव तापस चटर्जी, राजन बजराय, सुकुलमुनी मुर्मू, पानमुनी हेंब्रम, साकशे मांडी, नागी मुर्मू, पमा मुर्मू, साकरो सोरेन, परायनी हेंब्रम, तुलसी मांडी, सुनील सोरेन, लक्ष्मी किस्कू, सुमी मांडी, सावेद हांसदा, फुलमनी हांसदा सहित कई अन्य महिलाएं और स्थानीय नेता उपस्थित रहे.

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक उनके लाभ पहुंचने में आ रही बाधाओं को उजागर करती है. महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने हक के लिए संघर्ष करती रहेंगी जब तक उन्हें ‘मंईयां सम्मान योजना’ का पूरा लाभ नहीं मिल जाता. देखना होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या संज्ञान लेता है और कब तक इन महिलाओं को न्याय मिल पाता है.

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