खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले में जंगल से भटककर शहरी और ग्रामीण इलाकों में पहुंचा एक बीमार जंगली हाथी वन विभाग की निगरानी में है। हाथी की बिगड़ती सेहत को देखते हुए वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और उसका इलाज किया जा रहा है। विभाग के कर्मचारी लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसकी सेहत पर ध्यान दे रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार उकरीमारी पाकर टोली जंगल क्षेत्र में पहुंचे बीमार जंगली हाथी को शनिवार को दवाइयां दी गईं। यह उपचार प्रभारी वनपाल अविनाश लुगुन के नेतृत्व में किया गया।
केला और तरबूज में मिलाकर दी गई दवा
वन विभाग की टीम ने हाथी को दर्द निवारक और विटामिन की दवा दी। दवाइयों को केला और तरबूज में मिलाकर हाथी को खिलाया गया, ताकि वह आसानी से दवा ग्रहण कर सके। इस तरीके से दवा देने से हाथी को बिना किसी तनाव के उपचार मिल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि हाथी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी चिकित्सा सहायता दी जाएगी।
लगातार ट्रैक कर रही है वन विभाग की टीम
वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि टीम लगातार हाथी को ट्रैक कर रही है और उसकी गतिविधियों पर निगरानी बनाए हुए है। इससे पहले यह जंगली हाथी खूंटी क्षेत्र से भटककर तोरपा के बिरता जंगल इलाके में पहुंच गया था। बिरता जंगल के आसपास के खेतों में घुसकर हाथी ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक क्षति भी हुई।
ग्रामीणों की भीड़ के कारण बदला रास्ता
फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। लोगों की भीड़ देखकर जंगली हाथी को बिरता जंगल से खदेड़ दिया गया, जिसके बाद वह दूसरे इलाके की ओर चला गया। वन विभाग के अनुसार भीड़ और शोरगुल के कारण जंगली हाथियों का व्यवहार आक्रामक हो सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति से बचने की जरूरत होती है।
वन विभाग की ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली हाथी के आसपास भीड़ न लगाएं और उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।

