
Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दो अलग-अलग अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन “नारकोस” के तहत 12 किलोग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, वहीं ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत घर से निकली एक 15 वर्षीय बालिका का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे चाइल्डलाइन के सुपुर्द किया गया।
आरपीएफ अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि 20 जुलाई को आरपीएफ पोस्ट रांची एवं आरपीएफ फ्लाइंग टीम ने निरीक्षक शिशुपाल कुमार के नेतृत्व में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष संयुक्त जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित वीआईपी गेट के समीप एक संदिग्ध युवक काले और हरे रंग का स्काई बैग लेकर बैठा मिला। आरपीएफ टीम को देखकर वह घबरा गया, जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ की गई।
युवक ने अपनी पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी 19 वर्षीय बृजराज यादव के रूप में बताई। बैग की तलाशी एनडीपीएस अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में ली गई। तलाशी के दौरान बैग से चार पैकेटों में कुल 12 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग छह लाख रुपये बताई गई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे मेहंदी अंसारी ने ओडिशा के संताला से गोरखपुर तक गांजा पहुंचाने का काम सौंपा था। इसके बदले उसे प्रति किलोग्राम एक हजार रुपये देने का वादा किया गया था। उसने यह भी बताया कि रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की जांच देखकर मेहंदी अंसारी मौके से फरार हो गया। बरामद गांजा को जब्त एवं सील कर आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी रांची के हवाले कर दिया गया।
बालिका को चाइल्डलाइन के किया सुपुर्द

आरपीएफ ने बालिका का किया रेस्क्यू
इसी दिन नियमित गश्त के दौरान डिविजनल “नन्हे फरिश्ते” टीम एवं आरपीएफ पोस्ट रांची ने प्लेटफॉर्म संख्या-2/3 पर एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को अकेले और घबराई हुई अवस्था में पाया। पूछताछ में बालिका ने अपना नाम अंजली कुमारी, निवासी बेरमो (बोकारो) बताया।
बालिका ने बताया कि वह अपनी मां को बिना बताए घर से निकल आई थी और चारलापल्ली में काम की तलाश में जाने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशन पहुंची थी। बालिका की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरपीएफ ने ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और काउंसलिंग के बाद उसे सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन रांची के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि उसके संरक्षण, देखभाल और आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
गांजा तस्करी के खिलाफ अभियान में निरीक्षक शिशुपाल कुमार, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक अजीत कुमार तथा आरपीएफ फ्लाइंग टीम के आरक्षक दिलीप कुमार जितरवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं नाबालिग बालिका के रेस्क्यू अभियान में महिला उपनिरीक्षक सुशीला बराइक, महिला आरक्षक सोनाली शर्मा, महिला आरक्षक सोनम कुमारी तथा सहायक उपनिरीक्षक मोहम्मद शौकत खान ने अहम भूमिका निभाई।
आरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

