
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर प्रखंड अंतर्गत कुंदुंबेड़ा गांव में 3 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को इस मुद्दे पर रैयतों और ग्रामीणों की एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें राज्य सरकार के राजस्व, निबंधन, भूमि सुधार एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ और चाईबासा अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार भी शामिल हुए। बैठक में चाईबासा सदर प्रखंड के 7 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और मंत्री को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित प्लांट को तुरंत रद्द करने की मांग की।
नक्सली पुनर्वास के बाद अब कचरा प्लांट का नोटिस
रैयत सोमा पूर्ति ने कहा कि पहले आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए जेल बनाने की बात होती है, अब कचरा प्लांट के लिए लगातार जमीन अधिग्रहण के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इससे गांवों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।रैयत सुशीला पूर्ति ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर गांव में कचरा प्लांट नहीं बनने देंगे। अगर यहां प्लांट लगा तो हम विस्थापित हो जाएंगे। खेती की जमीन भी खत्म हो जाएगी और आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। इसलिए इसे हर हाल में बंद हो।
मंत्री ने दिया भरोसा, सीओ ने भेजा ज्ञापन
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि सबसे पहले मैं इस क्षेत्र का विधायक हूं, उसके बाद मंत्री। जनता की समस्या ही मेरी समस्या है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की आपत्ति को गंभीरता से लिया जाएगा। अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों का ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और उसे नियमानुसार कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। प्रस्तावित प्लांट के विरोध में कुंदुंबेड़ा समेत आसपास के 7 गांवों के रैयत एकजुट हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस निर्णय नहीं लेता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

