RANCHI: झारखंड के गुमला से 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि इस दौरान अनुसंधान में कोई ठोस और संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो मामला सीबीआई को सौंपने पर विचार किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुईं और मामले की वर्तमान जांच स्थिति की जानकारी दीं। कोर्ट ने उनसे पूछा कि सात वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस बच्ची का पता नहीं लगा सकी। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। गुमला एसपी से भी कोर्ट ने जांच की प्रगति पर सवाल किए। प्रस्तुत रिपोर्ट से असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि मामले में अब तक कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर विस्तृत और संतोषजनक जवाब दाखिल करे।
बता दें कि यह मामला गुमला की रहने वाली चंद्रमुनि उराइन द्वारा अपनी लापता बेटी की बरामदगी के लिए दायर हेबियस कॉर्पस याचिका से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ कर रही है। पूर्व में कोर्ट को बताया गया था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। एसआईटी ने दिल्ली समेत कई स्थानों पर जाकर बच्ची की तलाश की, इसके बावजूद बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

