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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद कर्मियों ने बिहार के समान वेतनमान की मांग उठाई, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन 

पिछले 15 वर्षों से उच्च वेतनमान एवं अन्य सुविधाओं से वंचित हैं कर्मी

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) कर्मचारी संघ ने परिषद के प्रबंधन संरचना के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के कर्मचारियों के समान वेतनमान एवं अन्य सेवा लाभ देने की मांग को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री व सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपा।
संघ के अध्यक्ष राजीव शरण द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रबंधन संरचना के तहत कार्यरत कर्मचारियों को पिछले 15 वर्षों से उच्च वेतनमान एवं अन्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है। संघ ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।            सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन निर्धारण                                     
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने वर्ष 2025 में अपने कर्मचारियों के सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन निर्धारण करते हुए संशोधित वेतनमान लागू कर दिया है। साथ ही बिहार सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ता एवं अन्य सुविधाओं का लाभ भी परिषद कर्मियों को प्रदान किया जा रहा है।                                       बिहार की तर्ज पर हुआ झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद का गठन        
कर्मचारी संघ का कहना है कि झारखंड राज्य का गठन बिहार से अलग होकर हुआ है और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद का गठन भी बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की तर्ज पर किया गया था। परिषद की नियमावली में भी यह प्रावधान है कि राज्य कार्यकारिणी समिति द्वारा स्वीकृत पदों पर नियुक्त कर्मचारियों का वेतनमान राज्य सरकार के वेतनमान के अनुरूप होगा। इसके बावजूद झारखंड में परिषद कर्मियों को आज भी पुराने वेतनमान के आधार पर वेतन दिया जा रहा है।                                                              वेतन संबंधी असमानता दूर करने की मांग
संघ ने मंत्री से मांग की है कि बिहार की तर्ज पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के कर्मचारियों के लिए भी सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन पुनरीक्षण किया जाए तथा महंगाई भत्ता सहित अन्य सभी सेवा लाभ शीघ्र लागू किए जाएं, ताकि कर्मचारियों के साथ हो रही वेतन संबंधी असमानता समाप्त हो सके।

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