नई दिल्ली : उत्तर रेलवे के सतर्कता विभाग ने रेलवे भर्ती के लिए जारी एक फर्जी आवेदन पत्रों का खुलासा किया है। जांच के बाद, उत्तर रेलवे ने भर्ती नोटिस 02/2018 एसएफवी को पूरी तरह से फर्जी घोषित कर दिया है। रेलवे ने भर्ती में रुचि रखने वाले अभ्यार्थियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय रेलवे की भर्तियां केवल आरआरबी (रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड) और आरआरसी (रेलवे रिक्रूटमेंट सेंट्रल) के माध्यम से ही ऑनलाइन आयोजित की जाती हैं।
फर्जी आवेदन पत्रों का खुलासा
उत्तर रेलवे ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि सतर्कता विभाग की जांच में यह पाया गया कि भर्ती नोटिस में दिए गए अधिकारियों के पदनाम और पते पूरी तरह से गलत थे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह आवेदन पत्र पूरी तरह से धोखाधड़ी का हिस्सा था। रेलवे ने स्पष्ट किया कि नौकरी के लिए आवेदन केवल आरआरबी और आरआरसी की अधिकृत वेबसाइट्स के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाते हैं और यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं सूचीबद्ध तरीके से होती है।
आरआरसी और आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट
उत्तर रेलवे ने इस मुद्दे पर और विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उम्मीदवारों को केवल भारतीय रेलवे की अधिकृत वेबसाइटों पर दी गई दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। इसके अलावा, आरआरसी एनआर (उत्तर रेलवे भर्ती) के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.rrcnr.org है। रेलवे ने चेतावनी दी कि अगर किसी भी आवेदन पत्र को ऑफलाइन या किसी अन्य अनधिकृत चैनल के जरिए भेजा जाता है, तो वह आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जालसाजों से सतर्क रहें
उत्तर रेलवे ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी से बचें और केवल आधिकारिक वेबसाइटों का ही उपयोग करें। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी रेलवे भर्ती के लिए पैसा वसूलने या जालसाजी करने की कोशिश कर रही है, तो उन्हें तुरंत इसकी रिपोर्ट करनी चाहिए। रेलवे ने यह भी कहा कि जालसाजी के मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।

