Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के बिष्टुपुर स्थित धातकीडीह में गुरुवार से राज्य स्तरीय कबूतरबाज़ी प्रतियोगिता की भव्य शुरुआत हुई। इस आयोजन में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन में जमशेदपुर फ्लाइ एसोसिएशन के करीब 30 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
यह प्रतियोगिता 10 मई तक चलेगी, जबकि 15 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। विजेताओं को 16 मई को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता स्थल पर सुबह से ही कबूतर प्रेमियों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रतिभागियों को एक साथ आठ कबूतर उड़ाने होते हैं। जो कबूतर सबसे अधिक समय तक आसमान में उड़ता रहता है, वही विजेता घोषित किया जाता है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार रुपये और द्वितीय स्थान पाने वाले को 30 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रतिभागी उस्मान भाई ने बताया कि उन्होंने अपने आठ जोड़े कबूतर इस प्रतियोगिता में उतारे हैं और उन्हें अपने कबूतरों की उड़ान क्षमता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल पारंपरिक शौक को जीवित रखते हैं, बल्कि कबूतर पालकों के बीच आपसी जुड़ाव और प्रतिस्पर्धा की भावना भी बढ़ाते हैं।
आयोजन से जुड़े सलीम मामा, मुन्ना और अन्य आयोजकों ने बताया कि यह प्रतियोगिता विभिन्न क्लबों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कबूतरबाज़ी की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है और इसका संबंध राजाओं-महाराजाओं के दौर से रहा है। उस समय यह शौक शान और मनोरंजन का प्रतीक था, जो आज भी समाज के कुछ वर्गों में जीवित है। आयोजकों के अनुसार आधुनिक दौर में भी युवा पीढ़ी इस पारंपरिक खेल में रुचि दिखा रही है, जो इसकी निरंतरता और लोकप्रियता का संकेत है।
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